डकार (सेनेगल), 4 नवंबर (आईएएनएस)। तन्वी पत्री ने ‘यूथ ओलंपिक गेम्स’ के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया है। बुधवार को डकार में खेले गए विमेंस सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में तीसरी वरीयता प्राप्त तन्वी सातवीं वरीयता प्राप्त थाईलैंड की काकानिक कुंगकाव को 21-17, 21-13 से शिकस्त देकर यूथ ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बनीं।
39 मिनट तक चले इस मुकाबले में जीत के बाद अब तन्वी को मेडल सुनिश्चित करने के लिए एक और मैच जीतना होगा। इससे पहले सिर्फ तीन भारतीय शटलर ही यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन के सेमीफाइनल तक पहुंच पाए हैं।
साल 2010 में सिंगापुर में हुए पहले यूथ ओलंपिक में एचएस प्रणॉय ने रजत पदक जीता था, जबकि 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए खेलों में लक्ष्य सेन उपविजेता रहे थे। साल 2014 में आदित्य जोशी लड़कों के सिंगल्स वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचे थे, लेकिन उन्हें कोई पदक नहीं मिल सका था।
अब तन्वी के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका है। सेमीफाइनल में जीत उन्हें यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बना देगी। अगर वह सेमीफाइनल हार जाती हैं, तो भी उनके पास ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला करने का एक और मौका होगा।
सेमीफाइनल में तन्वी का सामना जापान की युजुनो वातानाबे से होगा, जिनके खिलाफ वह पहले भी एक बार खेल चुकी हैं। दोनों खिलाड़ी 2024 में थाईलैंड में हुई ‘पाथुम थानी जूनियर इंटरनेशनल सीरीज’ में आमने-सामने आए थे, जहां तन्वी को 14-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा।
डकार यूथ ओलंपिक गेम्स की बैडमिंटन प्रतियोगिता में पुरुष और महिला एकल इवेंट शामिल हैं, जिनमें हर कैटेगरी में 32 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। यह प्रतियोगिता दो चरणों (ग्रुप स्टेज और उसके बाद नॉकआउट) में खेली जा रही है।
खिलाड़ियों को चार-चार के आठ ग्रुप में बांटा गया था, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को अपने ग्रुप के शेष तीन खिलाड़ियों का सामना करना था। हर ग्रुप का विजेता नॉकआउट स्टेज में पहुंचा। इसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और मेडल मैच होंगे। 5 नवंबर को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल का फैसला होगा।
