Sunday, June 14, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय जेलेंस्‍की का दावा: जहां से शुरू हुआ वहीं लौट रहा युद्ध, रूस...

जेलेंस्‍की का दावा: जहां से शुरू हुआ वहीं लौट रहा युद्ध, रूस के अहम ठ‍िकानों पर क‍िए घातक हमले

0
4

नई दिल्‍ली, 14 जून (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोद‍िमीर जेलेंस्‍की ने दावा किया क‍ि रूस की ओर से युद्ध समाप्त करने से इनकार करने के जवाब में यूक्रेनी सेना ने रूस पर हमले क‍िए हैं। जेलेंस्‍की ने कहा क‍ि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य रूस पर दबाव बढ़ाना और उसे युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर करना है।

जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने रूस और रूस के कब्जे वाले इलाकों में कई महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर सफल लंबी दूरी के हमले किए हैं। उन्‍होंने कहा क‍ि यह स्वाभाविक है कि अब युद्ध वहीं लौट रहा है, जहां से इसकी शुरुआत हुई थी।

यूक्रेन के राष्‍ट्रपत‍ि वोलोद‍िमीर जेलेंस्‍की ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में कहा, ”हमारे सैनिकों ने रूस और यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले इलाकों में मौजूद महत्वपूर्ण ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले करके अच्छे परिणाम हासिल किए हैं।”

जेलेंस्की ने कहा क‍ि हमारी सीमा से 700 किलोमीटर से भी अधिक दूर, रूस के यारोस्लाव्ल क्षेत्र में एसएसयू के सैनिकों ने एक ऐसे तेल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया जो आक्रामक राज्य के रणनीतिक भंडार के लिए महत्वपूर्ण था।

जेलेंस्की ने दावा करते हुए कहा, ”हमारी सेना ने रूस के तुला क्षेत्र में भी अपने लक्ष्य पर सफलतापूर्वक हमला किया। इनमें ‘अजोट’ प्लांट भी शामिल है, जिसका संचालन विस्फोटक बनाने की रूस की क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”

जेलेंस्की के अनुसार, इन हमलों के बाद रूस के छह हवाई अड्डों पर हवाई यातायात संबंधी प्रतिबंध लगाए गए और कल शाम से अब तक रूस के 28 क्षेत्रों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है।

उन्‍होंने बताया क‍ि यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों में भी कब्जा करने वाली सेना की सैन्य लॉजिस्टिक्स सुविधाओं पर सफल हमले किए गए।

जेलेंस्की ने क‍हा क‍ि रूस की ओर से युद्ध समाप्त करने से इनकार करने के जवाब में यूक्रेन रूस के खिलाफ अपनी लंबी दूरी की कार्रवाई की योजना और मध्यम दूरी के हमलों से जुड़े निर्धारित कार्यों को जारी रखे हुए है।

उन्‍होंने कहा क‍ि हमने रूसी नेतृत्व को बातचीत के लिए हर संभव तरीका और अवसर दिया, लेकिन जवाब में हमें केवल लगातार आक्रामकता और उसे और बढ़ाने की कोशिशें ही मिलीं। अब युद्ध वापस उस ओर लौट रहा है जहां से इसकी शुरुआत हुई थी।