Wednesday, August 12, 2026
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ख़य्याम के सहायक रहे राज शर्मा को मिलेगा ‘रामायणी सम्मान-2026’

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हाल ही में राज शर्मा का ‘वंदे मातरम्’ गीत टी-सीरीज से हुआ रिलीज

भोपाल : 12 अगस्त/ प्रसिद्ध संगीतकार ख़य्याम साहब के सहायक और दत्तक पुत्र रहे राज शर्मा को इस वर्ष ‘रामायणी सम्मान-2026’ से सम्मानित किया जाएगा। रामायण रिसर्च काउंसिल की ओर से दिया जाने वाला यह सम्मान 19 अगस्त 2026 को गोस्वामी तुलसीदास जयंती के अवसर पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी स्थित मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय अध्ययन केंद्र के सहयोग से किया जा रहा है।

‘रामायणी सम्मान’ रामायण, भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, साहित्य, शोध, रामकथा, संगीत और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को प्रदान किया जाता है। इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों की 28 विभूतियों का चयन सम्मान के लिए किया गया है।

भारतीय संस्कृति और रामायण परंपरा को समर्पित सम्मान

रामायण रिसर्च काउंसिल के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के अध्यक्ष अजय भट्ट ने बताया कि ‘रामायणी सम्मान’ का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, साहित्य, शोध, रामकथा, संगीत और सामाजिक जागरण के क्षेत्र में रामायण आधारित उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करना है।

उन्होंने कहा कि सम्मान के माध्यम से भारतीय संस्कृति और रामायण की समृद्ध परंपरा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट योगदान को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

काशी में आयोजन को बताया गौरव का विषय

भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा भारती ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस की रचना मुख्य रूप से काशी की पवित्र धरती पर की थी। ऐसे में काशी में ‘रामायणी सम्मान’ का आयोजन होना गौरव का विषय है।

सात श्रेणियों में दिए जाएंगे सम्मान

‘रामायणी सम्मान’ के संयोजक एवं काउंसिल के ट्रस्टी डॉ. देव दत्त शर्मा के अनुसार इस वर्ष सम्मान के लिए सात श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इन श्रेणियों में रामायण, साहित्य, संस्कृति, संगीत, शोध, अध्यात्म और राष्ट्रसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा।

राज शर्मा का संगीत जगत से विशेष जुड़ाव

राज शर्मा का संगीत जगत से पुराना और महत्वपूर्ण जुड़ाव रहा है। वे प्रसिद्ध संगीतकार ख़य्याम साहब के सहायक रहे और उनके दत्तक पुत्र भी हैं। संगीत के क्षेत्र में सक्रिय राज शर्मा का हाल ही में ‘वंदे मातरम्’ गीत टी-सीरीज के माध्यम से रिलीज हुआ है।

‘रामायणी सम्मान-2026’ के लिए राज शर्मा का चयन संगीत एवं राष्ट्रसेवा से जुड़े उनके योगदान को देखते हुए किया गया है।

सीतामढ़ी में प्रस्तावित गतिविधियां

रामायण रिसर्च काउंसिल के अध्यक्ष अजय भट्ट ने बताया कि सीतामढ़ी में काउंसिल की गतिविधियों के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की ओर से श्रीरामजानकी स्थान पर 12 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित परिसर में देश के 51 शक्तिपीठों से मिट्टी एवं ज्योत लाकर अखंड ज्योत की स्थापना तथा चतुर्भुजा महालक्ष्मीजी की स्थापना की योजना है।

‘रामायणी सम्मान-2026’ के लिए चयनित 28 विभूतियां

इस वर्ष सम्मान के लिए चयनित विभूतियों में अनूप जलोटा, अनुराधा पौडवाल, आर.के. सिन्हा, स्व. किशोर कुणाल, डॉ. अर्चना प्रकाश, भगवान दास, डॉ. उदय प्रताप सिंह, डॉ. अवधि हरि, योगेश्वर प्रसाद देवरानी, आदित्य जैन, अभय माणके, संत श्री हरिओम, नरेंद्रनाथ गगन, योगेश चंद्र शर्मा (योगी), संजीव, डॉ. आशा ओझा, श्रीमती मदगुल्ला प्रफुल्ला, बिनोद कुमार तिवारी, डॉ. चंद्र प्रभा मदान, आचार्य संतोष पांडेय, अजय याग्निक, विंध्याचल मणि त्रिपाठी, राजराधे कृष्ण शर्मा, प्रेम प्रकाश दुबे, त्रिलोकी नाथ पांडेय, रामधनी द्विवेदी, डॉ. रविशंकर पांडेय और श्रीमती रेखा मेहरा शामिल हैं।

वाराणसी में होने वाला यह समारोह रामायण परंपरा, भारतीय संस्कृति और संगीत सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित करने के साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को व्यापक स्तर पर सामने लाने का अवसर बनेगा।