युवाओं को स्टार्टअप, नवाचार और आत्मनिर्भरता के लिए किया प्रेरित
भोपाल, 5 जून। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू), भोपाल के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी), ई-सेल एसजीएसयू एवं फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के संयुक्त तत्वावधान में वनमाली सभागार में “आंत्रप्रेन्योरशिप एंड बिजनेस ग्रोथ इन द मॉडर्न एरा” विषय पर एक प्रेरणादायी विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार और व्यवसायिक नेतृत्व की भावना को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वर्टिका एलिवेटर्स के फाउंडर एवं फ्रीकिंग माइंड्स के डायरेक्टर अभिषेक रे ने विद्यार्थियों को आधुनिक दौर में उद्यमिता और व्यवसायिक विकास के विभिन्न आयामों से परिचित कराया। उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिजनेस ग्रोथ स्ट्रेटेजी, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सफल उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक सोच पर विस्तार से चर्चा की।
“आज का दौर समाधान खोजने वालों का है”
अपने संबोधन में अभिषेक रे ने कहा कि वर्तमान समय केवल डिग्री हासिल करने का नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान खोजने का दौर है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार आधारित सोच विकसित करने, जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने विचारों को स्टार्टअप में बदलने का साहस करना चाहिए तथा असफलताओं को सीखने के अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए। डिजिटल तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर युवा न केवल स्वयं सफल हो सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए स्टार्टअप आइडियाज
सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अपने स्टार्टअप आइडियाज एवं उत्पादों के नमूने भी प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, व्यावहारिक दृष्टिकोण और उद्यमशीलता की भावना ने उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों को प्रभावित किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार में नवाचार, जिज्ञासा और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।
आत्मनिर्भर भारत की शक्ति है उद्यमिता
इस अवसर पर एसजीएसयू के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्तियों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनना होगा।
उन्होंने बताया कि एसजीएसयू विद्यार्थियों को कौशल, नवाचार और उद्योगोन्मुखी शिक्षा के माध्यम से भविष्य के सफल उद्यमी और नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
विद्यार्थियों को नेतृत्व और नवाचार के लिए किया जा रहा तैयार
एसजीएसयू के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह एवं कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें नवाचार, नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता के लिए तैयार करना है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों को समझने और आत्मविश्वास के साथ अपने करियर का निर्माण करने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम का सफल आयोजन डीएसडब्ल्यू एवं प्रेसिडेंट, इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल डॉ. विनोद कुमार शर्मा तथा फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा किया गया।
नवाचार और उद्यमिता को मिला प्रोत्साहन
यह विशेष सत्र विद्यार्थियों के लिए सीखने, प्रेरणा प्राप्त करने और अपने उद्यमशील सपनों को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सही दृष्टिकोण, नवाचार और निरंतर सीखने की भावना के साथ युवा भविष्य के सफल उद्यमी बन सकते हैं।


