नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए ब्लास्ट मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने एनआईए को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एनआईए को जांच पूरी करने के लिए 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है।
एनआईए ने जांच पूरी करने के लिए कोर्ट से 90 दिन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने 45 दिन बढ़ाए हैं। एजेंसी का कहना था कि मामले की जांच जटिल है और इसमें कई तकनीकी व फॉरेंसिक पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, जिसके लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
वहीं, पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार 7 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 मार्च तक बढ़ाई है। आरोपी शोएब को कोर्ट में पेश किया गया, जबकि बाकी 6 आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए।
एनआईए का कहना है कि जांच के लिए समय बढ़ाने का उद्देश्य आरोपी से विस्तृत पूछताछ करना और विस्फोट के पीछे के नेटवर्क को उजागर करना है। एजेंसी जांच में यह पता लगा रही है कि किस तरह से विस्फोट की योजना बनाई गई, सहयोगी कौन थे और हथियार एवं विस्फोटक सामग्री कैसे जुटाई गई।
इस मामले में एनआईए की जांच के अनुसार, उमर-उन-नबी 10 नवंबर को विस्फोटक से भरी कार चला रहा था। वह इस आतंकवादी हमले का षड्यंत्रकारी था। इस विस्फोट में 15 लोगों की जान चली गई थी।
बता दें कि यह धमाका एक हुंडई आई 20 कार में हुआ था, जिसमें आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ड्राइविंग सीट पर था। विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। एनआईए की जांच से यह मामला एक बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़ा लग रहा है, जिसमें फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर शामिल हैं।
एजेंसी का मानना है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से लिंक है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें डॉ. मुजम्मिल शकील गनी, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और अन्य शामिल हैं।
केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर एनआईए पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है। जांच में विदेशी हैंडलरों के लिंक भी सामने आ रहे हैं। यह गिरफ्तारी मामले में बड़ा कदम मानी जा रही है और आगे अन्य खुलासे होने की उम्मीद है।

