नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग तीन दशकों से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की। बैंक धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में कार्रवाई सीबीआई ने वांछित आरोपी अनंत तांबिटकर को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।
सीबीआई की ओर से साल 1992 में एक बैंक फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें फर्जी वित्तीय लेन-देन के जरिए स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (एसबीबीजे) को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया था। जांच के बाद, इस मामले में साल 1996 में चार्जशीट दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 9 आरोपियों को दोषी ठहराया था।
हालांकि, आरोपी अनंत तांबेडकर उर्फ अनंत तांबिटकर, जो जालसाजी और अन्य आपराधिक कदाचार के जरिए धोखाधड़ी में शामिल था, चार्जशीट दाखिल होने के बाद फरार हो गया था।
लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया से बचने के कारण अदालत ने उसे घोषित अपराधी (पीओ) घोषित करते हुए उसके मामले की सुनवाई अलग कर दी गई थी।
सीबीआई की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, तकनीकी खुफिया जानकारी और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर आरोपी की लोकेशन मुंबई में चिन्हित की गई। इसके बाद सीबीआई की टीम ने 26 फरवरी 2026 को उसे मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इसके अलावा, एक अन्य मामले में सीबीआई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में फैसला सुनाया। सिलीगुड़ी स्थित सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने पूर्व सेंट्रल एक्साइज सुपरिटेंडेंट अचिंत्य कुमार प्रमाणिक को रिश्वत मामले में 4 साल की कठोर कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला 2015 का है, जब आरोपी कूच बिहार डिवीजन में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात थे। उन्होंने एक निजी फर्म के मालिक से 1 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी।
सीबीआई ने ट्रैप लगाकर 15 सितंबर 2015 को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। रकम बरामद हुई और 30 दिसंबर 2015 को चार्जशीट दाखिल की गई। अदालत ने सबूतों के आधार पर दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

