बंगाल के नतीजे हमेशा एग्जिट पोल को गलत साबित करते हैं : डोला सेन

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कोलकाता, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने इन अनुमानों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी सांसदों का कहना है कि एग्जिट पोल का वास्तविक नतीजों से कोई सीधा संबंध नहीं होता और पहले भी ये कई बार गलत साबित हो चुके हैं।

टीएमसी की राज्यसभा सदस्य डोला सेन ने कहा, “हम एग्जिट पोल की बिल्कुल परवाह नहीं करते। 2021 ही नहीं, 2016, 2019, 2021 और 2024 में भी हमने ऐसे कई एग्जिट पोल देखे हैं। लेकिन टीएमसी, टीएमसी है और ममता बनर्जी, ममता बनर्जी हैं। ममता बनर्जी के चुनावी नतीजे हमेशा एग्जिट पोल को गलत साबित करते हैं।”

डोला सेन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी बंगाल में जीत के सपने देख रही है। उन्होंने कहा, “भाजपा पश्चिम बंगाल को हर हाल में जीतना चाहती है, इसलिए वह बड़े-बड़े सपने देख रही है। इस बार चुनाव में उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी। चुनाव आयोग की मदद, बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती, 506 में से 496 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर, माइक्रो ऑब्जर्वर और कई अन्य व्यवस्थाएं की गईं। उन्होंने पूरी कोशिश की, इसलिए अब वे सपने भी बड़े देख रहे हैं। हम उनके सपनों के लिए शुभकामनाएं देते हैं।”

वहीं टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने भी एग्जिट पोल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मैं एग्जिट पोल से बिल्कुल सहमत नहीं हूं। उनकी पद्धति और नतीजों दोनों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। पिछले चुनावों के अनुभव को देखें तो एग्जिट पोल कभी पूरी तरह सही साबित नहीं हुए हैं।”

सौगत रॉय ने आगे कहा कि चुनाव से पहले आईपैक पर हुई छापेमारी का मकसद उन्हें डराना था। उन्होंने कहा कि यह साबित हो चुका है कि इन छापों और आरोपों में कोई सच्चाई नहीं थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।

बता दें कि ज्यादातर एग्जिट पोल के डेटा में पश्चिम बंगाल में भाजपा को बहुमत दिखाया गया है। विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आने वाले हैं।