अहमदाबाद, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। अहमदाबाद की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने गुरुवार को चरस की अंतरराज्यीय तस्करी में शामिल तीन दोषियों को 10 साल की कैद की सजा सुनाई और उन पर 1 से 1.5 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक बयान में कहा कि मेहसाना स्थित विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने अहमदाबाद के गोमतीपुर निवासी शाहिदभाई इब्राहिमभाई मनियार, अहमदाबाद के गोमतीपुर निवासी रफीक दिलावर चौहान और अहमदाबाद के वटवा निवासी मनियार सैयद हुसैन हसामिया को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत दोषी ठहराया है।
विशिष्ट और विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर एनसीबी की अहमदाबाद जोनल यूनिट के अधिकारियों ने 25 सितंबर 2021 को मेहसाना बाईपास, फतेहपुरा सर्कल के पास, अजमेर (राजस्थान) से एक यात्री बस में आ रहे तीन आरोपियों को रोका। तलाशी के दौरान उपरोक्त आरोपियों के पास से 9.330 किलोग्राम चरस जब्त की गई। सभी आरोपियों को उसी दिन औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच पूरी होने पर 17 मार्च 2022 को केस दर्ज हुआ।
एनसीबी ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के बाद विशेष एनडीपीएस अदालत ने गुरुवार को तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया और शाहिद भाई इब्राहिम भाई मनियार और रफीक दिलावर चौहान को 10 साल के कठोर कारावास और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
बयान में कहा गया है कि अदालत ने मनियार सैयद हुसैन हसामिया को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 (संशोधित) के प्रावधानों के तहत समाज के खिलाफ इस जघन्य अपराध में संलिप्तता के लिए 10 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
एनसीबी ने कहा कि इस सजा से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि मादक पदार्थों की तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एनसीबी ने कहा कि जांच और अथक अभियोजन ने एनसीबी अहमदाबाद जोनल यूनिट द्वारा न्याय सुनिश्चित किया है और समुदायों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विनाशकारी परिणामों से बचाया है।

