जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जलवायु संरक्षण पहलों के लिए ‘ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकग्निशन 2026’ में मिला बड़ा सम्मान

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जयपुर, 16 मई (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप (अदाणी एयरपोर्ट्स) द्वारा प्रबंधित जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जेआईएएल) को एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) एशिया-पैसिफिक और मिडिल ईस्ट ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकग्निशन 2026 अवॉर्ड्स में सिल्वर सम्मान मिला है।

यह सम्मान ‘क्लाइमेट चेंज अडैप्टेशन’ यानी जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन विषय के तहत दिया गया, जो एयरपोर्ट द्वारा जलवायु संरक्षण और पर्यावरण के अनुकूल संचालन के लिए किए गए प्रयासों को मान्यता देता है।

अर्ध-शुष्क क्षेत्र में स्थित जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अक्सर भीषण गर्मी और हीटवेव से प्रभावित रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट ने “कूल टर्मिनल” इकोसिस्टम विकसित किया है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधा देना है।

इस पहल के तहत टर्मिनल-2 को हाई-परफॉर्मेंस ग्लास और इंसुलेटेड रूफिंग से अपग्रेड किया गया, जिससे अंदर की गर्मी कम हो सके।

ऊर्जा बचाने वाले कूलिंग सिस्टम और एयरपोर्ट परिसर में सौर ऊर्जा उत्पादन की मदद से एचवीएसी ऊर्जा खपत में करीब 35 प्रतिशत की कमी आई है। साथ ही सतह का तापमान भी 6 से 10 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है।

एयरपोर्ट की इन पर्यावरणीय पहलों से हर साल 200 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष उत्सर्जन में कमी आई है। इससे भारत के व्यापक जलवायु और पर्यावरण लक्ष्यों को भी समर्थन मिल रहा है।

इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा, “एसीआई एशिया-पैसिफिक और मिडिल ईस्ट से मिला यह वैश्विक सम्मान जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बड़ी उपलब्धि है और यह स्थिरता तथा जलवायु संरक्षण के प्रति हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह भविष्य के लिए तैयार और पर्यावरण के अनुकूल एयरपोर्ट विकसित करने की हमारी रणनीति को और मजबूती देता है।”

उन्होंने आगे कहा कि एयरपोर्ट यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए लगातार नई पहल करता रहेगा।

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट राजस्थान का सबसे बड़ा और व्यस्त एयरपोर्ट है। वित्त वर्ष 2026-27 में यहां 57.5 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की, जबकि प्रतिदिन करीब 120 विमान संचालन हुए।

करीब 776 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट डिजिटल-फर्स्ट संचालन मॉडल पर काम करता है, जहां तकनीक-आधारित यात्री सुविधाओं और संचालन दक्षता पर विशेष जोर दिया जाता है।

इस एयरपोर्ट को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री-आईटीसी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट से ‘जीरो वेस्ट टू लैंडफिल’ सम्मान भी मिल चुका है। इसके अलावा मई 2025 में एयरपोर्ट को एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल की ओर से लेवल-3 मान्यता भी प्राप्त हुई थी। हाल ही में इसे राजस्थान का पहला ‘वाटर-पॉजिटिव’ एयरपोर्ट होने का दर्जा भी मिला है।