भोपाल, 18 मई (आईएएनएस)। नवनिधि शर्मा की 23 वर्षीय पुत्री ट्विशा शर्मा की दुखद और अप्राकृतिक मृत्यु ने एक नया मोड़ ले लिया है। ट्विशा के शोक संतप्त पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल को एक तत्काल ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह के पावरफुल प्रशासनिक कद का हवाला दिया है, जो इस मामले में आरोपी हैं।
ट्विशा के पिता ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में कहा कि गिरिबाला सिंह राज्य की पूर्व वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के भीतर एक प्रमुख अर्ध-न्यायिक भूमिका में कार्यरत हैं।
इस याचिका में तत्काल प्रशासनिक समीक्षा और आपराधिक जांच जारी रहने के दौरान गिरिबाला सिंह को उनके न्यायिक कर्तव्यों से अस्थायी रूप से हटाने या निलंबित करने की अपील की गई है।
परिवार का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन वे इस बात को लेकर वास्तविक आशंका व्यक्त करते हैं कि सार्वजनिक पद पर गिरिबाला की निरंतर उपस्थिति स्थानीय कानून प्रवर्तन, गवाहों की गवाही और चिकित्सा-कानूनी फोरेंसिक प्रक्रियाओं पर अप्रत्यक्ष संस्थागत प्रभाव डाल सकती है।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया गया है कि पारदर्शी और स्वतंत्र जांच एक मौलिक अधिकार है। परिवार का कहना है कि न्यायिक तंत्र में जनता के विश्वास को बनाए रखने और ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए जांच को संस्थागत पूर्वाग्रह या अधिकार से पूरी तरह मुक्त रखना आवश्यक है।
ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपनी सास गिरिबाला सिंह के घर में फांसी पर लटकी हुई मिली थी। उसकी मृत्यु के बाद, कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन ने 15 मई को प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की, जिसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उसकी सास गिरिबाला सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक पुलिस रिकॉर्ड में ट्विशा की 9 दिसंबर, 2025 को हुई शादी के बाद से लगातार दहेज उत्पीड़न, मानसिक क्रूरता और शारीरिक यातना जैसे आरोपों में मामला दर्ज है।
बता दें कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फांसी लगाना बताया गया है, लेकिन साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों पर कई चोटों का भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है।

