Sunday, May 24, 2026
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मध्य प्रदेश के रीवा में दो साध्वियों की हादसे में मौत को लेकर प्रदर्शन करेगा जैन समुदाय

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रीवा, 24 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के रीवा में हुए एक दुखद सड़क हादसे के बाद पूरे भारत में जैन समुदाय ने गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त किया है। इस हादसे में दो जैन साध्वियों की जान चली गई जबकि तीसरी साध्वी गंभीर रूप से घायल हो गई।

इस घटना से नाराज जैन समुदाय ने 25 मई को जैन साधुओं के लिए न्याय और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के एक श्रृंखला की घोषणा की है।

यह दिल दहला देने वाली दुर्घटना 20 मई की सुबह रीवा के सिविल लाइंस इलाके में कलेक्ट्रेट के पास हुई। तेज रफ्तार कार ने धार्मिक पदयात्रा कर रहीं तीन जैन साध्वियों को कुचल दिया।

सागर जिले की मूल निवासी और आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की शिष्या श्रुतमति माता की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अन्य दो साध्वियां तमिलनाडु की उपसमिति माता और जबलपुर की अरिका माता गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इनमें से एक को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया जबकि दूसरी साध्वी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

ड्राइवर राशिद अली शाह हादसे के बाद मौके से फरार हो गया लेकिन बाद में लगभग 270 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने उसे जबलपुर के पास पकड़ लिया।

विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आए वीडियो फ़ुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कार सड़क के बीच से अचानक मुड़कर सीधे उन साध्वियों की ओर बढ़ गई, जो सड़क के किनारे चल रही थीं।

तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाने और ‘हिट-एंड-रन’ के आरोप में आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने पुष्टि की है कि यह वाहन उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से महाराष्ट्र के नागपुर लौट रहा था। इस घटना से जैन समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है।

समुदाय के कई सदस्यों ने इस बात पर संदेह जताया है कि क्या यह दुर्घटना वास्तव में अनजाने में हुई थी। कुछ लोगों ने किसी भी संभावित साजिश की आशंका को खारिज करने के लिए गहन जांच की मांग की है। इसके जवाब में जैन संगठनों ने 25 मई को भोपाल, इंदौर, दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों और मार्च का आह्वान किया है।

समुदाय के नेताओं ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए जैन भिक्षुओं और साध्वियों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने और उनकी सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ये साधु-साध्वियां अपनी धार्मिक प्रथाओं के तहत नंगे पैर यात्रा करते हैं।

मुनि श्री प्रमाण सागर जी सहित कई वरिष्ठ जैन संतों ने संदेश जारी कर समुदाय से इस कठिन समय में धैर्य, आस्था और संयम बनाए रखने का आग्रह किया है।

राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने भी शोक संतप्त समुदाय के प्रति अपनी संवेदनाएं और एकजुटता व्यक्त की है।

मध्य प्रदेश सरकार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक सड़कों पर जैन साधुओं की असुरक्षा और राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर किया है।

जैसे-जैसे प्रदर्शनों की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं, पूरा जैन समुदाय दिवंगत आत्माओं के लिए न्याय और अपने धार्मिक नेताओं की सुरक्षा की मांग को लेकर एकजुट हो गया है।

इन शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जो समुदाय के सामूहिक आक्रोश और दृढ़ संकल्प को दर्शाएगा।