Sunday, August 16, 2026
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बंगाल के गिरफ्तार व्यवसायी के खिलाफ अवैध रूप से जमीन हड़पने के मामलों में दर्ज की गई शिकायत

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कोलकाता, 16 अगस्त (आईएएनएस)। कोलकाता के बिजनेसमैन और रियल एस्टेट प्रमोटर जॉय कामदार के खिलाफ एक नई शिकायत दर्ज की गई है। कामदार को इस साल की शुरुआत में जमीन हड़पने के कई मामलों में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था।

इस बार, जॉय और उनके भाई तुषार पर लोगों को बिजनेस में हिस्सेदार बनाने का वादा करके धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है।

इसके चलते, कोलकाता के अश्विनी दत्ता रोड के रहने वाले जॉय कामदार और तुषार कामदार और उनकी कंपनी ‘सन कंस्ट्रक्शन्स’ के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि अगर वह किसी खास प्रॉपर्टी को लेने का इंतजाम करता है, तो उसे कुल मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। यह सुनकर, शिकायतकर्ता ने नेपाल भट्टाचार्य स्ट्रीट पर एक महंगी प्रॉपर्टी पर हाउसिंग प्रोजेक्ट का इंतजाम किया, जिसके बाद एक लिखित समझौता हुआ और उस जमीन पर काम शुरू होकर पूरा भी हो गया।

आरोप है कि कंस्ट्रक्शन का काम पूरा होने के बाद आरोपियों ने समझौते को पूरा किए बिना बहुत कम पैसे देकर शिकायतकर्ता को हटाने की कोशिश की। आरोपियों ने समझौते की शर्तों को मानने से भी इनकार कर दिया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि जॉय और तुषार ने धोखे और फ्रॉड से प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया है। यह पता चलने पर, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के तहत शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

यह घटनाक्रम तब हुआ है जब जॉय कामदार ने ईडी से संपर्क किया, जो उनके खिलाफ जमीन हड़पने के मामलों की जांच कर रही है और इस मामले में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की मांग की है।

सूत्रों के मुताबिक, कामदार के वकील ने कोलकाता की एक स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट में भी एक औपचारिक अर्जी दाखिल की है, जहां इस मामले की सुनवाई चल रही है।

यह अभी साफ नहीं है कि ईडी कामदार की मांग को स्वीकार करेगी या कोर्ट उन्हें सरकारी गवाह का दर्जा देगी।

स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी को इस प्रस्ताव पर अपना फैसला बताने के लिए 25 अगस्त तक का समय दिया है।

यह मामला जमीन हड़पने के एक कथित नेक्सस (साजिश) से जुड़ा है जिसमें कामदार, कथित जमीन माफिया सरगना बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू और कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास शामिल हैं।

कामदार को अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था जबकि सिन्हा बिस्वास और पोद्दार को मई में हिरासत में लिया गया था।

जांचकर्ताओं का दावा है कि इन तीनों ने जमीन हड़पने के कामों से भारी मात्रा में गैरकानूनी कमाई की थी।