नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। वकील संकेत गुप्ता ने शुक्रवार को एक शिकायत दर्ज कराई। इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं व समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। इन लोगों ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) के ऑफिस के बाहर बिना इजाजत धरना दिया था।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 189 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई गई।
राहुल गांधी उस छात्र की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से पुलिस के कथित इनकार के विरोध में धरना दे रहे थे, जिसके बारे में कांग्रेस का दावा है कि उसे पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट-गन से चोटें आई थीं।
शाम को, दिल्ली पुलिस ने पैलेट-गन से कथित तौर पर घायल हुए व्यक्ति की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
आईएएनएस से बात करते हुए संकेत गुप्ता ने कहा, “आज मैं अपनी एक पुरानी शिकायत के सिलसिले में दिल्ली पुलिस के नई दिल्ली जिला कार्यालय गया था। मुझे वहां कुछ जरूरी काम था, लेकिन मैं उसे पूरा नहीं कर सका। मेरे क्लाइंट भी मेरे साथ थे, लेकिन वे भी पुलिस अधिकारी से नहीं मिल सके। वजह यह थी कि वहां धरना-प्रदर्शन चल रहा था, राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ता काफी शोर-शराबा कर रहे थे, और पूरा माहौल बहुत अशांत हो गया था।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने दिल्ली पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है कि अगर वहां कोई विरोध प्रदर्शन हो रहा है, तो धरना-प्रदर्शन कानून के नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए। किसी को भी कानून और संविधान को हल्के में लेने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है।”
सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए वकील ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय भी कहता है कि विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है, लेकिन नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। कोई भी अपने आंदोलन से पुलिस स्टेशन के आने-जाने का रास्ता नहीं रोक सकता। राहुल गांधी ने गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जुटाई थी, मैंने शिकायत दर्ज कराई है और उस पर कार्रवाई की मांग की है।”
गुप्ता ने दोहराया कि सार्वजनिक व्यवस्था का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “वहां लागू (कानूनी) धारा के अनुसार, पांच से अधिक लोगों का जमावड़ा वहां नहीं हो सकता क्योंकि यह नई दिल्ली का एक संवेदनशील इलाका है… अपने राजनीतिक हितों के लिए डीसीपी कार्यालय का गेट रोकना, जहां कोई जरूरी शिकायत आ सकती है, पूरी तरह गलत है। इसीलिए मैंने राहुल गांधी जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।”

