इंफाल, 30 सितंबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को ह्मार जनजातीय समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कहा कि राज्य में विकास और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के लिए सबसे पहले शांति जरूरी है। उन्होंने कहा कि शांति और स्थिरता की बहाली राज्य की प्राथमिक आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
तिपाइमुख विधानसभा क्षेत्र के विधायक नगुरसंगलुर सानाते के नेतृत्व में फेर्जावल जिले के जनजातीय बहुल क्षेत्रों के विभिन्न नागरिक संगठनों (सीएसओ) के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री आवास पर खेमचंद सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के लोगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मणिपुर का फेर्जावल जिला असम और मिजोरम के साथ अंतरराज्यीय सीमाएं साझा करता है। जिले में मुख्य रूप से ह्मार जनजातीय समुदाय निवास करता है।
गौरतलब है कि अप्रैल में जिरीबाम जिले में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मैतेई और ह्मार समुदायों के प्रतिनिधियों के बीच शांति पहल हुई थी। माना जाता है कि इस पहल ने दोनों समुदायों के बीच शांति और सौहार्द बनाए रखने में योगदान दिया है। इसके बाद से दोनों समुदाय के लोग शांतिपूर्ण तरीके से साथ रह रहे हैं।
विधायक ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र में सड़क संपर्क, बिजली और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी और इन समस्याओं के समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग की।
सड़क संपर्क को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने जिरीबाम-तिपाइमुख मार्ग को, जो वर्तमान में जिला सड़क है, अपग्रेड कर राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-37 और राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में काम कर सकती है। इससे जिरीबाम, तिपाइमुख और आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इसमें सिपुइकाउन पावर स्टेशन से परबुंग तक प्रस्तावित बिजली लाइन का कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा प्रस्तावित बिजली लाइनों के जरिए अन्य क्षेत्रों तक भी बिजली आपूर्ति का विस्तार करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में बैंक की स्थापना की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सदस्यों ने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने फेर्जावल स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) से जुड़े मुद्दे भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाए। सदस्यों ने एडीसी की स्थापना को लेकर अपनी चिंताओं और अपेक्षाओं से उन्हें अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल में फेर्जावल और जिरीबाम की आईटीएसी (इंडिजिनस ट्राइब्स एडवोकेसी कमेटी), ह्मार इनपुई हमर्राम क्षेत्र और ह्मार इनपुई वेंगई क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल थे। इसमें ह्मार इनपुई हमर्राम क्षेत्र के सचिव और ह्मार इनपुई वेंगई क्षेत्र के अध्यक्ष रोथांगखुम भी मौजूद थे।
