कोलकाता, 1 नवंबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस नेता अजीत महता से पूछताछ के दौरान पश्चिम बंगाल के एक पूर्व मंत्री का नाम सामने आया है। अजीत महता को 29 अक्टूबर की रात को गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को सरकारी दफ्तर में नौकरी दिलाने का वादा करके उससे 10 लाख रुपये वसूले थे।
राज्य पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि पूछताछ के दौरान महता ने कबूल किया कि जिस व्यक्ति को नौकरी दिलाने का वादा किया गया था, उसकी सिफारिश पश्चिम बंगाल के एक पूर्व मंत्री ने की थी। यह पूर्व मंत्री झारग्राम जिले से आते हैं, जो महता का भी गृह जिला है।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक उस पूर्व मंत्री का नाम उजागर नहीं किया है। राज्य पुलिस के अधिकारी ने कहा, “इस समय इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महता के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पूर्व मंत्री का नाम नहीं है। हालांकि, उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान महता ने उस पूर्व मंत्री का नाम लिया है, इसलिए जांच अधिकारी ने इस दिशा में भी जांच शुरू कर दी है।
जिन भर्तियों के नाम पर पैसे वसूले गए थे, वे पश्चिम बंगाल वन विभाग और पश्चिम बंगाल पश्चिम क्षेत्रीय विकास विभाग से जुड़ी थीं।
महता को 29 अक्टूबर की रात को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी सजल दास नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर हुई, जिसने आरोप लगाया कि तृणमूल नेता ने सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करके उससे कुछ समय के दौरान कई किश्तों में लगभग 10 लाख रुपये लिए थे।
अपनी शिकायत में दास ने आरोप लगाया कि पैसे देने के बावजूद उसे वादा की गई नौकरी नहीं मिली। उसने यह भी दावा किया कि जब उसने महता से नौकरी या अपने पैसे वापस मांगे, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

