Friday, May 1, 2026
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धर्म

जोग फॉल्स: गर्मियों में एडवेंचर के शौकीनों के लिए खास जगह,1400 सीढ़ियां उतरकर मिलता...

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत देश में प्रकृति से भरे स्थलों की कमी नहीं है, लेकिन कौन स्थल ज्यादा शांति और सुकून देने वाला है, इसको लेकर संशय हमेशा बना रहता है।

11वीं सदी में हुआ था इस सीढ़ीदार कुएं का निर्माण, उल्टे मंदिर जैसा दिखता...

पाटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत एक ऐसा देश है, जिसके कोने-कोने में खूबसूरती है, वह प्रकृति की हो या मानव रचित सभी बेमिसाल हैं। बात प्राचीन वास्तुकला की हो तो उसके लिए दुनिया भर में मशहूर है। गुजरात राज्य में भी एक ऐसी अनोखी धरोहर है, जो सीढ़ीदार कुएं सा दिखता है और इसका निर्माण 11वीं सदी में हुआ था। यह सीढ़ीदार कुआं उल्टे मंदिर जैसा दिखता है और जल वास्तुकला का बेमिसाल नमूना है। यह इतना खास है कि भारतीय 100 रुपए के नोट पर भी इसकी तस्वीर अंकित है।

केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की बुकिंग आज से शुरू होगी

देहरादून, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। श्री केदारनाथ धाम तीर्थयात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की बुकिंग शनिवार शाम 6 बजे से शुरू होगी।

पाप, रोग और परेशानियों से मुक्ति दिलाएंगे उज्जैन के सप्तसागर, पुराणों में भी जिक्र

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। हमारे देश में मंदिर से लेकर सरोवर तक का पौराणिक महत्व है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में जितना महत्व महादेव के मंदिरों का है, उतना ही सप्त सागर का है।

सीढ़ीदार भूलभुलैया में एक बावड़ी : 9वीं शताब्दी में बना राजस्थान का हैरत...

जयपुर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के कोने-कोने में ऐसे कई खूबसूरत वास्तुशिल्प के साथ बने आध्यात्मिक स्थल हैं, जो न केवल आंखों को राहत देते हैं बल्कि उसकी कथा उसके पीछे का विज्ञान हैरत में भी डालता है। ऐसा ही एक स्थल राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित है। 9वीं शताब्दी में बना यह कुआं 'प्रसन्नता की देवी' को है समर्पित है, इस स्थल को सीढ़ीदार भूलभुलैया में बनी एक बावड़ी भी कहा जाता है।

जब बेगम अख्तर से पहली बार मिलने पहुंची थीं शांति हीरानंद, ‘कल आना’ कहकर...

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। संगीत की दुनिया में गुरु-शिष्या परंपरा का अपना एक खास महत्व है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है पद्मश्री सम्मानित शास्त्रीय गायिका शांति हीरानंद की, जो दिवंगत बेगम अख्तर की प्रमुख शिष्या रही हैं। एक इंटरव्यू के दौरान शांति हीरानंद ने बेगम अख्तर से अपनी पहली मुलाकात का मजेदार किस्सा सुनाया था।

लखीमपुर खीरी की कुलदेवी: महाभारत के बाद श्रीकृष्ण ने खुद स्थापित की थी विष्णुप्रिया...

लखीमपुर खीरी, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। धन, वैभव, सुख और शांति की देवी माता लक्ष्मी का देश भर में कई दिव्य मंदिर है, जहां दर्शन मात्र से भक्तों का कल्याण हो जाता है। ऐसा ही एक पावन मंदिर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी शहर में स्थित है। यहां माता लक्ष्मी को शहर की कुलदेवी माना जाता है। लोक मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं यहां माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित की थी। रुक्मिणी ने इसी स्थान पर माता की आराधना की थी।

वेलियानाडु गांव: तन और मन को करना है रीसेट, केरल के इस गांव में...

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों की शुरुआत के साथ सभी लोग जून की छुट्टियों का इंतजार करते हैं क्योंकि पूरे साल की थकान को उतारने के लिए शांति और सुकून भी जरूरी है।

चेट्ट्येनचेरी महेश्वर मंदिर : यहां शक्ति के रूप में भगवान शिव पूजित, देवताओं के...

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव को शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है, जबकि कुछ स्थानों पर उन्हें साक्षात और स्वयंभू प्रतिमा के रूप में भी पूजा जाता है।

केरल के खूबसूरत नजारों के बीच 65 एकड़ में फैला अनोखा डेस्टिनेशन, जहां मिलती...

कोल्लम, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल की हरी-भरी वादियों और खूबसूरत नजारों के बीच एक ऐसा अनोखा पर्यटन स्थल है, जहां पौराणिक कथाएं, रोमांच और प्रकृति का सुंदर संगम देखने को मिलता है। यह है जटायु अर्थ सेंटर, जिसे जटायु नेचर पार्क या जटायु रॉक के नाम से भी जाना जाता है।

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