धनबाद, 8 अगस्त (आईएएनएस)। अपने चचेरे भाई और धनबाद के तत्कालीन डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या के आरोप में आठ साल से जेल में बंद झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है।
निचली अदालत और झारखंड हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद संजीव सिंह ने शीर्ष अदालत में गुहार लगाई थी। संजीव सिंह झरिया की मौजूदा भाजपा विधायक रागिनी सिंह के पति हैं। उनके अधिवक्ता मो. जावेद ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विनोद चंद्रन और जस्टिस एनबी अंजारिया की खंडपीठ ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत प्रदान की। अदालत में संजीव सिंह की ओर से अधिवक्ता सन्नी चौधरी ने दलीलें पेश कीं।
गौरतलब है कि 22 मार्च 2017 को धनबाद के स्टील गेट इलाके में नीरज सिंह की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी एसयूवी के बोनट पर चढ़कर अंधाधुंध फायरिंग की थी। नीरज सिंह के शरीर में 25 गोलियां लगी थीं। इस हमले में उनके निजी अंगरक्षक मुन्ना तिवारी, चालक घलटू और करीबी सहयोगी अशोक यादव की भी मौके पर मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, नीरज सिंह उस दिन अपने आवास लौट रहे थे। स्टील गेट के पास स्पीड ब्रेकर पर गाड़ी धीमी होते ही अपराधियों ने तीन दिशाओं से करीब 100 राउंड गोलियां दागीं। अंगरक्षक को 67 गोलियां लगी थीं।
इस वारदात के बाद धनबाद के सरायढेला थाने में नीरज के भाई अभिषेक सिंह की लिखित शिकायत पर पिंटू सिंह, मनीष सिंह, महंत पांडेय, गया प्रताप सिंह और अन्य के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। जांच के दौरान पुलिस ने संजीव सिंह को मुख्य आरोपी बनाते हुए 11 अप्रैल, 2017 को गिरफ्तार किया था। उनके अलावा पांच अन्य के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई थी। फिलहाल मामला निचली अदालत में विचाराधीन है और ट्रायल जारी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद संजीव सिंह के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। उनके खिलाफ निचली अदालत में मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी।
–आईएएनएस
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