वित्त वर्ष 2023-24 में अदाणी ग्रीन का ईबीआईटीडीए 30 प्रतिशत बढ़ा, 2030 तक का लक्ष्य बढ़ाकर 50 गीगावाट किया

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अहमदाबाद, 3 मई (आईएएनएस)। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने शुक्रवार को तिमाही और वार्षिक वित्तीय परिणामों की घोषणा की। उसने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में उसका ईबीआईटीडीए 30 प्रतिशत बढ़कर 7,222 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। उसने वर्ष 2030 के लिए स्थापित क्षमता का अपना लक्ष्य 45 गीगावाट से बढ़ाकर 50 गीगावाट कर दिया है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि पिछले साल उसने स्थापित क्षमता में 2.8 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जो देश में कुल जोड़ी गई नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का 15 प्रतिशत है। इससे कंपनी के राजस्व ईबीआईटीडीए और नकद लाभ में मजबूत वृद्धि देखी गई है।

चालू वित्त वर्ष में कंपनी ने 10,462 करोड़ रुपये के ईबीआईटीडीए का अनुमान व्यक्त किया है। उसने बताया कि गत 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में उसका ऋण बनाम ईबीआईटीडीए अनुपात 5.4 रहा था, जिसके मौजूदा वित्त वर्ष में कम होकर चार पर आने का अनुमान है।

अदाणी ग्रीन एनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिंह ने कहा, “मुझे गर्व है कि टीम ने खावड़ा (गुजरात) में 30 गीगावाट की परियोजना के पहले दो गीगावाट का काम भूमि पूजन के बाद 12 महीने में पूरा कर उत्पादन शुरू कर दिया है।”

वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नकद लाभ 25 फीसदी बढ़कर 3,986 करोड़ रुपये और परिचालन में मौजूद क्षमता 35 प्रतिशत बढ़कर 10.9 गीगावाट पर पहुंच गई।

अदाणी ग्रीन को गुरुवार को पांच प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय बैंकों के कंसोर्टियम से राजस्थान और गुजरात में 750 मेगावाट की निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए 40 करोड़ डॉलर का ऋण मिला है।

उन्होंने कहा, “हम अभूतपूर्व पैमाने और गति के साथ किफायती स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग हैं। हमने 2030 तक के लिए लक्ष्य बढ़ाकर 50 गीगावाट कर दिया है जो देश के 500 गीगावाट के गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।”

परिचालन क्षमता 35 प्रतिशत बढ़कर 10,934 मेगावाट (10.9 गीगावाट) पर पहुंच गई। नवीकरणीय ऊर्जा में नई परियोजनाओं में 2,848 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जुड़ी है। इसमें 2,418 मेगावाट सौर और 430 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता शामिल है।

इसके साथ ही एजीईएल 10 हजार मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने वाली देश की पहली कंपनी बन गई है।

कंपनी ने बताया कि 10,934 मेगावाट ऑपरेशनल पोर्टफोलियो से 58 लाख घरों में बिजली आपूर्ति होगी जिससे सालना करीब 2.1 करोड़ टन सीओ2 उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।

एजीईएल गुजरात के खावड़ा में 30 हजार मेगावाट परियोजना का विकास कर रहा है जो दुनिया की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना है। भूमि पूजन के महज 12 महीने के भीतर कंपनी ने दो हजार मेगावाट की क्षमता की स्थापना कर बिजली उत्पादन भी शुरू कर दिया है।

इस साल मार्च में ब्रिटेन की राजधानी लंदन स्थित साइंस म्यूजियम ने ‘एनर्जी रिवॉल्यूशन: द अदाणी ग्रीन एनर्जी गैलरी’ के नाम से एक बड़ी गैलरी का उद्घाटन किया जिसमें यह दिखाया गया है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए दुनिया किस प्रकार अधिक टिकाऊ तरीके से ऊर्जा उत्पादन और उपभोग कर कार्बन उत्सर्जन में कमी ला सकती है।