एक अप्रैल तक ईडी की हिरासत में केजरीवाल

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नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ईडी हिरासत 1 अप्रैल तक बढ़ा दी। केजरीवाल को गुरुवार को शराब नीति मामले में उनकी छह दिन की ईडी रिमांड समाप्त होने पर राउज एवेन्यू कोर्ट की जज कावेरी बावेजा के सामने पेश किया गया।

गुरुवार को जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री की सात और दिनों की हिरासत मांगी, हालांकि, दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने केजरीवाल की ईडी रिमांड चार दिन बढ़ाकर 1 अप्रैल तक कर दी।

सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम सीएम केजरीवाल के समर्थकों से खचाखच भरा हुआ था। उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल और आप नेता गोपाल राय, आतिशी और सौरभ भारद्वाज सहित अन्य भी अदालत में मौजूद थे।

ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस.वी. राजू ने कहा कि केजरीवाल का आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों से आमना-सामना कराने की जरूरत है, जिन्हें गोवा से बुलाया गया है। एएसजी ने केजरीवाल पर जांच में सहयोग न करने और गोलमोल जवाब देने का भी आरोप लगाया, साथ ही कहा कि डिजिटल डेटा की जांच की जानी चाहिए जिसके लिए ईडी को पासवर्ड की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ”केजरीवाल कहते हैं कि वह अपने वकीलों से पूछेंगे कि पासवर्ड देना है या नहीं।”

अदालत ने केजरीवाल को दलीलें पेश करने की भी अनुमति दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में सीबीआई ने 31,000 पेज और ईडी ने 25,000 पेज दाखिल किए हैं, लेकिन किसी को भी दोषी नहीं पाया गया है।

उन्होंने पूछा, “मेरा सवाल यह है कि मुझे क्यों गिरफ्तार किया गया है।”

केजरीवाल ने पूछा, “मैं ईडी की हिरासत का विरोध नहीं कर रहा हूं… वह जब तक चाहें मुझे रख सकते हैं, लेकिन यह एक घोटाला है। मेरा नाम चार गवाहों ने लिया था… कई लोग मेरे आवास पर आते हैं, क्या यह पर्याप्त आधार है एक मौजूदा मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करने का।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि लोगों को मामले में सरकारी गवाह बनाया जा रहा है और उन्हें अपने बयान बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

केजरीवाल के इस दावे पर कि सरथ रेड्डी ने भाजपा को 50 करोड़ रुपये से अधिक दिए, एएसजी ने कहा कि इसका शराब घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है।

एएसजी ने कहा, “भाजपा को (आबकारी) नीति बनाने का अधिकार नहीं है। हमें इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि कोई किसी व्यक्ति को कोई पैसा देगा। इसका शराब घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईडी के पास यह दिखाने के लिए सबूत है कि केजरीवाल ने रिश्वत में 100 करोड़ रुपये की मांग की थी।

ईडी ने केजरीवाल को दिल्ली में उनके आधिकारिक आवास पर दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ करने के बाद 21 मार्च को गिरफ्तार किया था।