Thursday, June 11, 2026
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तेलंगाना के डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दी चेतावनी, चरित्र हनन बर्दाश्त नहीं

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हैदराबाद, 14 जनवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी के भी चरित्र हनन में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डीजीपी ने सोशल मीडिया पर हो रहे चरित्र हनन पर नाराज़गी जताते हुए अपने बयान में स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति या उसके परिवार के खिलाफ झूठी खबरें फैलाना, निराधार आरोप लगाना, फर्जी सूचनाएं प्रसारित करना और निजी जीवन में दखल देना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर की गई रचनात्मक आलोचना और राय पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर झूठ और अफवाहें फैलाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीजीपी ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष डीजीपी का पदभार संभालने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे और यह साफ कर दिया था कि कानून की सीमाएं लांघने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।

उन्होंने दोहराया कि सोशल मीडिया के नाम पर चरित्र हनन करने, किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने या अपमानजनक गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पुलिस एक मंत्री और एक महिला आईएएस अधिकारी को लेकर कथित मानहानिकारक खबर प्रसारित करने के मामले में कुछ टीवी चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जांच कर रही है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बुधवार को तेलुगु समाचार चैनल एनटीवी के दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया।

यह मामला एनटीवी, टी न्यूज सहित कई अन्य टीवी चैनलों, यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ दर्ज किया गया है। शिकायत आईएएस अधिकारियों के संघ की ओर से विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन ने दर्ज कराई थी।

तेलंगाना आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव जयेश रंजन ने अपनी शिकायत में कहा कि 8 जनवरी को एनटीवी ने एक महिला आईएएस अधिकारी को लेकर जो खबर प्रकाशित और प्रसारित की, वह पूरी तरह झूठी, मनगढ़ंत और निराधार थी। शिकायत में कहा गया कि एक सेवारत महिला आईएएस अधिकारी पर बिना किसी सबूत के आरोप लगाए गए और एक राजनीतिक कार्यकारी के साथ कथित निजी संबंधों का संकेत देते हुए उनके तबादलों को इन आधारहीन दावों से जोड़ने की कोशिश की गई।