नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में राज्य की राजनीति में पहली बार चुनाव लड़ रही थलपति विजय की पार्टी टीवीके को जिस तरह का बहुमत प्राप्त होता दिख रहा है। इस पर विश्वास कर पाना बड़ा मुश्किल है। जिस राज्य की सत्ता डीएमके और एआईएडीएमके के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। वहां 2026 के विधानसभा चुनाव में थलपति विजय की पार्टी ने जो करिश्मा किया है। वह हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दे रहा है।
यहां की सत्ता के शिखर पर विराजमान होने के लिए टीवीके को जनता का भरपूर समर्थन मिला है। ऐसे में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का 2025 का टीवीके को लेकर किया गया दावा अब वायरल हो रहा है। दरअसल, पीके ने तब दावा किया था कि अगर विजय की पार्टी तमिलनाडु का चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ती है तो उन्हें वहां जनता का भरपूर समर्थन मिलेगा और उनकी पार्टी की सरकार भी बहुमत के साथ वहां बनेगी।
अब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद मतगणना के रुझान जैसे-जैसे स्पष्ट होते जा रहे हैं, प्रशांत किशोर की यह राजनीतिक टिप्पणी सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा में आ गई है। राजनीतिक रणनीतिकार और राजनेता प्रशांत किशोर ने अभिनेता से राजनेता बने विजय के बारे में कुछ महीने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में सरकार का गठन करेगी।
चुनाव विश्लेषक, रणनीतिकार और राजनेता पीके ने जब कहा था कि तमिलनाडु में टीवीके जीत सकती है, तो कई लोगों ने इस भविष्यवाणी को मजाक में लिया क्योंकि लोग मानते थे कि एक ऐसी पार्टी जो अभी-अभी राजनीति में आई है और जिसका नेतृत्व एक ऐसे अभिनेता कर रहे हैं, जिन्हें राजनीति का कोई अनुभव नहीं है, वह पार्टी इतनी बड़ी उपलब्धि कैसे हासिल कर पाएगी।
टीवीके की सफलता के बारे में पीके ने यह भविष्यवाणी चुनाव होने से एक साल पहले एक मीडिया चैनल के साथ की थी।
मार्च 2025 में, टीवीके के गठन के ठीक एक साल बाद, थंथी टीवी को दिए एक साक्षात्कार में प्रशांत किशोर ने कहा था, ”विजय का संकल्प अकेले चुनाव लड़ने का है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई बदलाव आएगा। अगर वह अकेले चुनाव लड़ते हैं, तो तमिलनाडु में उनके जीतने की बहुत अच्छी संभावना है।”
उनसे उस दौरान बात कर रहे पत्रकार ने भी आश्चर्य से भरकर पूछा था कि तमिलनाडु में ‘जीत’ का मतलब होगा कि टीवीके 118 निर्वाचन क्षेत्रों में विजयी हो, जो 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए आवश्यक संख्या है, तो पीके ने जोर देते हुए कहा था कि वह अपनी बात पर कायम हैं। उन्होंने तब कहा था, ”जी हां, बिल्कुल। इस वीडियो को संभाल कर रखें और तमिलनाडु में नतीजे आने पर इसे चलाएं।”
साक्षात्कार में भी तब पीके ने विजय से संबंध को लेकर कहा था, ”हम राजनीतिक सहयोगियों से कहीं अधिक मित्रवत रहे हैं। हमने पहली बार पांच साल पहले एक-दूसरे से बात की थी। मैं उनका राजनीतिक सलाहकार नहीं हूं। हमारे विचार मिलते-जुलते हैं।”
साक्षात्कार के उस वीडियो में पीके दावा करते सुने जा सकते हैं कि अगर विजय की पार्टी अकेले चुनाव लड़ती है, तो ”उनके जीतने की बहुत अच्छी संभावना है। मेरा मतलब सीटें जीतने से नहीं है, मेरा मतलब तमिलनाडु जीतने से है।”
पीके ने वीडियो में आगे कहा, ”मेरी समझ, सुझाव और आंकड़े बताते हैं कि अगर वह अकेले चुनाव लड़ते हैं तो उनके जीतने की बहुत अच्छी संभावना है। आप हैरान रह जाएंगे। मेरा मतलब सिर्फ सीटें जीतना नहीं है, मेरा मतलब तमिलनाडु जीतना है। इस वीडियो को संभाल कर रखें और नतीजे आने पर इसे चलाएं। अगर वह मेहनत और समय लगाते हैं तो उनके जीतने की बहुत अच्छी संभावना है। अगर एआईएडीएमके भाजपा के साथ गठबंधन करती है और डीएमके का गठबंधन जैसा है, वैसा ही बना रहता है और टीवीके अकेले चुनाव लड़ती है, तो यह बात पक्की है कि उनके (विजय) जीतने की बहुत अच्छी संभावना है।”
–आईएएनएस
जीकेटी/

