असम चुनाव: नलबाड़ी विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार जयंत मल्ला बरुआ विजयी

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गुवाहाटी, 4 मई (आईएएनएस)। असम के नलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना परचम लहराया है। पार्टी ने जयंत मल्ला बरुआ को यहां से मैदान में उतारा, जिनका मुकाबला कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अशोक कुमार सरमा के साथ था। इस कड़े मुकाबले में नलबाड़ी की जनता ने भाजपा उम्मीदवार को प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया है। जयंत मल्ला बरुआ ने अशोक कुमार सरमा को 60101 वोटों के अंतर से हरा दिया है।

बरुआ को 118611 मिले, जबकि अशोक 58510 वोट ही हासिल कर पाए।

नलबाड़ी विधानसभा सीट पर 9 अप्रैल को मतदान हुआ। इस बार जनता ने खुलकर वोट किया। नतीजन नलबाड़ी में 90.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2,00,359 है, जिनमें 1,02,047 पुरुष मतदाता और 98,312 महिला मतदाता शामिल हैं।

नलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में इस बार 6 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। इनमें भाजपा से जयंत मल्ला बरुआ के अलावा, कांग्रेस से अशोक सरमा, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) पार्टी से केनेडी पेगु के अलावा तीन निर्दलीय प्रत्याशी रहे।

2021 के चुनाव में भाजपा के जयंत मल्ला बरुआ ने 49,457 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी प्रद्युत कुमार भुइयां को मात दी। 2021 में जीत के बाद हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार में जयंत मल्ला बरुआ लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री बनाए गए। चुनावी हलफनामे के अनुसार, जयंत मल्ला बरुआ के पास कुल 20 करोड़ रुपए की संपत्ति है। जयंत मल्ला बरुआ ने घोषणा की है कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है।

इससे पहले, 2016 के चुनाव में अशोक सरमा भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए। अशोक शर्मा ने 53,044 वोटों से कांग्रेस के प्रद्युत कुमार भुइयां को हराया था।

नलबाड़ी विधानसभा मंगलदोई लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह एक सामान्य (अनारक्षित) निर्वाचन क्षेत्र है। यह एक अर्ध-शहरी केंद्र के रूप में कार्य करता है, जिसमें नलबाड़ी शहर और आसपास के ग्रामीण इलाके शामिल हैं। यह क्षेत्र शिक्षा और कृषि के लिए जाना जाता है।

नलबाड़ी ने अब तक 14 विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया है, जिसमें वर्ष 2000 में हुआ एक उपचुनाव भी शामिल है। कांग्रेस ने यह सीट 5 बार जीती है। भाजपा ने यह सीट दो बार अपने नाम की है, जबकि 1978 में माकपा विजयी रही थी।