Friday, August 7, 2026
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अमरमणि की राजनीतिक सक्रियता पर पीड़ित परिवार ने जताई चिंता, सीएम योगी से सुरक्षा की मांग

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लखनऊ, 7 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की कथित राजनीतिक सक्रियता को लेकर राष्ट्रीय कवयित्री मधुमिता शुक्ला और अमनमणि त्रिपाठी की दिवंगत पत्नी सारा सिंह के परिजनों ने शुक्रवार को चिंता जताई। लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता में मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिए जाने की मांग की।

निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि हाल ही में नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में हुए एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान अमरमणि त्रिपाठी और अमनमणि त्रिपाठी के समर्थन में नारे लगाए गए। उनका कहना था कि ऐसी गतिविधियों से पीड़ित परिवारों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि अमरमणि त्रिपाठी दोबारा राजनीतिक रूप से प्रभावशाली होते हैं तो उनके परिवार की सुरक्षा को खतरा बढ़ सकता है। प्रेसवार्ता में निधि शुक्ला ने बताया कि मधुमिता शुक्ला हत्याकांड पर आधारित उनकी पुस्तक ‘मेरी बहन का कत्ल’ अगले महीने प्रकाशित होगी।

उन्होंने कहा कि पुस्तक में मामले से जुड़े कई ऑन रिकॉर्ड और ऑफ रिकॉर्ड तथ्यों को शामिल किया गया है, जिनमें से कई अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से न्याय की लड़ाई लड़ रहे उनके परिवार को मीडिया का लगातार सहयोग मिला। उनके अनुसार, इस मामले को लगातार सार्वजनिक विमर्श में बनाए रखने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए निधि शुक्ला ने कहा कि सरकार को माफिया के खिलाफ अपनी घोषित नीति पर दृढ़ रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी अपराधी को राजनीतिक संरक्षण न मिले। उन्होंने पीड़ित परिवारों की सुरक्षा के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की मांग की। प्रेसवार्ता के दौरान सारा सिंह की मां सीमा सिंह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की हत्या के मामले में न्याय की लड़ाई अभी भी उनके लिए खत्म नहीं हुई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने और पीड़ित परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की। गौरतलब है कि 9 मई 2003 को लखनऊ में राष्ट्रीय कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या हुई थी। मामले की जांच पहले सीबी-सीआईडी और बाद में सीबीआई ने की। निष्पक्ष सुनवाई के लिए मुकदमे का स्थानांतरण उत्तराखंड किया गया था।

देहरादून की अदालत, नैनीताल हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी सहित अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। प्रेसवार्ता में निधि शुक्ला ने अमरमणि त्रिपाठी की रिहाई और हाल की राजनीतिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन घटनाक्रमों ने पीड़ित परिवारों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है।

–आईएएनएस

विकेटी/पीएम