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अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर की अदालत का फैसला

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सुल्तानपुर, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार को उन्हें मामले में बरी कर दिया। फैसले के दौरान राहुल गांधी अदालत में मौजूद रहे। इससे पहले वह दिल्ली से सुल्तानपुर पहुंचे और अदालत के निर्देश पर निजी बंधपत्र भी दाखिल किया।

राहुल गांधी सोमवार सुबह करीब 11:12 बजे सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत पहुंचे। उनकी पेशी को देखते हुए दीवानी न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। अदालत में प्रवेश करने से पहले फरियादियों को परिसर के बाहर कतार में खड़ा किया गया। राहुल गांधी के अदालत कक्ष में पहुंचने के बाद सुरक्षा कारणों से कक्ष का दरवाजा बंद कर दिया गया।

इस दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कूरेभार के पास कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के स्वागत के लिए जुटे रहे। पूर्व मंत्री ओपी सिंह भी करीब 400 गाड़ियों के काफिले और लगभग चार हजार लोगों के साथ पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी चर्चा में रही।

यह मामला मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की ओर से बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। आरोप है कि राहुल गांधी ने उस दौरान भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को मानहानिकारक बताते हुए भाजपा नेता और सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई पहले सिविल कोर्ट में हुई और बाद में इसे एमपी-एमएलए अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया।

अदालत ने सुनवाई के बाद 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को समन जारी किया था। इसके बाद 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी पहली बार व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए थे। उस दौरान उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत मिली थी। राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए इसे सत्ता पक्ष की साजिश बताया था। शिकायतकर्ता की ओर से राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने के लिए भी अदालत में आवेदन दिया गया था, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद सेशन कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इस मांग को स्वीकार नहीं किया था।

सोमवार को फैसले के लिए राहुल गांधी की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने फैसला सुनाए जाने से पहले निजी बंधपत्र और जमानतनामा दाखिल करने को भी कहा था। राहुल गांधी ने सुल्तानपुर पहुंचने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी की। अदालत के फैसले से इस मामले में राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।

–आईएएनएस

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