आपदा में अवसर की नई नीति: यूपी पर्यटन को ग्लोबल पहचान दिलाने की तैयारी

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लखनऊ, 13 मई (आईएएनएस)। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बुधवार को पर्यटन निदेशालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां ‘आपदा में अवसर’ साबित हो सकती हैं और उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार है।

बैठक में ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान शुरू करने, हेरिटेज स्थलों को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने और घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। मंत्री ने निर्देश दिए कि वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के लिए आकर्षक और अनुभवपरक टूर पैकेज तैयार किए जाएं। इसके लिए टूर ऑपरेटर्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विभाग ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य करेगा। उन्होंने प्रदेश के सभी संग्रहालयों में आगामी दो माह तक पर्यटकों के लिए निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राही पर्यटक आवासों में 25 प्रतिशत तक की छूट देकर घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी विदेश यात्राओं के बजाय उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को देखें और स्थानीय पर्यटन को मजबूती दें। उन्होंने गोशालाओं, प्राचीन मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए विशेष आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर भी जोर दिया। बैठक में डेस्टिनेशन वेडिंग को नई पहचान देने के लिए चुनार किला और लखनऊ की छतर मंजिल जैसे ऐतिहासिक स्थलों को जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किले, हेरिटेज भवन और ईको टूरिज्म साइट्स पारिवारिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बेहद उपयुक्त हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात ने विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक अनुशासित और तकनीक आधारित बनाने पर बल देते हुए अधिकारियों को वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।