नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। भारत को पारंपरिक वेलनेस और प्राकृतिक उत्पादों के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आयुष एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (आयुषएक्ससिल) और स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने आयुषएक्ससिल और स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया को इस “दूरदर्शी और भविष्य उन्मुख साझेदारी” के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सहयोग भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और आयुर्वेद, औषधीय पौधों तथा भारतीय मसालों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और भारतीय मसाले सदियों से निवारक स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और प्राकृतिक चिकित्सा ज्ञान के प्रतीक रहे हैं। दोनों क्षेत्रों का एक साथ आना किसानों, उद्योगों, स्टार्टअप्स, निर्यातकों और वैश्विक उपभोक्ताओं के हित में साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री ने कहा कि यह साझेदारी गुणवत्ता सुधार, ट्रेसेबिलिटी, वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, नवाचार, निर्यात प्रोत्साहन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है। उन्होंने प्रस्तावित “स्पाइस एंड हील” पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत को समग्र स्वास्थ्य और प्राकृतिक उपचार समाधान के क्षेत्र में वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित कर सकती है।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और हील इन इंडिया के विजन के अनुरूप है। सरकार एमएसएमई, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, किसानों और युवा नवाचारकर्ताओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि यह समझौता निर्यात वृद्धि, रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास, किसान सशक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर खोलेगा तथा वैश्विक वेलनेस और प्राकृतिक उत्पादों के क्षेत्र में भारत की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।
समझौते पर आयुषएक्ससिल के चेयरमैन डॉ. अनुराग शर्मा और स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया के सचिव एम. एस. मणिवन्नन, आईएएस ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य आयुष उत्पादों और औषधीय मसालों के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके तहत निर्यात प्रोत्साहन, गुणवत्ता आश्वासन, मानकीकरण, अनुसंधान, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय बाजार विकास पर संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
इस सहयोग के अंतर्गत दोनों संस्थाएं ब्रांडिंग पहल, ट्रेसेबिलिटी फ्रेमवर्क, वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, क्षमता निर्माण, कोडेक्स सहभागिता तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रचार गतिविधियों में संयुक्त भागीदारी करेंगी। इससे आयुष और मसाला क्षेत्र से जुड़े निर्यातकों, किसानों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

