नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। भारतीय नौसैनिक युद्धपोत आईएनएस सुनयना बांग्लादेश के चट्टोग्राम बंदरगाह से अपने अगले मिशन के लिए रवाना हो गया है। आईएनएस सुनयना ‘इंडियन ओशन शिप सागर’ नामक पहल के तहत तैनात है। बांग्लादेश में पोर्ट कॉल के दौरान भारत व बांग्लादेश की नौसेना के बीच समुद्री सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और संयुक्त गतिविधियों का आयोजन किया गया।
नौसेना का यह समुद्री जहाज फिलहाल श्रीलंका के कोलंबो की ओर अग्रसर है। चट्टोग्राम बंदरगाह से प्रस्थान के दौरान बांग्लादेश की नौसेना ने इसे शानदार औपचारिक विदाई दी। चट्टोग्राम से रवाना होने के बाद आईओएस सागर ने बांग्लादेश नौसेना के पोत बीएनएस प्रोतॉय और नौसेना के हवाई संसाधनों के साथ समुद्री अभ्यास किया। इस अभ्यास में समन्वित समुद्री संचालन और उन्नत सतही युद्धाभ्यास शामिल थे।
इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच संचालन क्षमता और तालमेल को बेहतर बनाना था। यह यात्रा संयुक्त अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत और बांग्लादेश की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बता दें कि इस भारतीय पोत पर 16 साझेदार देशों के नौसैनिक सवार हैं। इन कर्मियों के साथ आईओएस सागर अपनी क्षेत्रीय तैनाती जारी रखे हुए है, और उसका अगला पड़ाव श्रीलंका का कोलंबो बंदरगाह होगा। दरअसल इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर 8 मई को बांग्लादेश के चट्टोग्राम पहुंचा था। इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय नौसेना और बांग्लादेश की नौसेना के बीच समुद्री सहयोग व पेशेवर संबंधों को और अधिक मजबूत करना था।
बांग्लादेश के जलक्षेत्र में आईओएस सागर के स्वागत के लिए बांग्लादेश का नौसैनिक जहाज बीएनएस अली हैदर (एफ17) आया था। यहां तैनाती के दौरान आईओएस सागर के कमांडिंग ऑफिसर ने बांग्लादेश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, जिनमें बांग्लादेश नौसेना फ्लीट कमांडर और चट्टोग्राम नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर शामिल रहे। इस दौरान द्विपक्षीय समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
भारतीय युद्धपोत पर एक विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इसमें बांग्लादेश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों शामिल हुए। वहीं भारतीय दल ने भी बांग्लादेश नौसेना द्वारा आयोजित स्वागत कार्यक्रम में हिस्सा लिया। दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच क्रॉस-डेक विजिट और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान जैसे पेशेवर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आईओएस सागर के चालक दल ने बांग्लादेश नौसैनिक अकादमी का दौरा किया। वहां अधिकारियों ने कैडेटों तथा शिक्षकों के साथ संवाद किया। इसके अलावा, मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ और सहयोग को और मजबूत किया गया।

