नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक फर्जी वीडियो का खंडन किया है। वीडियो में दावा किया गया है कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
दिल्ली पुलिस डीसीपी की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया कि आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शन का दावा झूठा है।
पुलिस की तरफ से बताया गया कि वीडियो पुराना है। साझा किया जा रहा फुटेज एक पुराने कार्यक्रम का संग्रहित फुटेज है। जानबूझकर गलत सूचना फैलाने या भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक या फर्जी सामग्री (तस्वीर, वीडियो या ऑडियो) बनाने, शेयर करने या प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
पुलिस का कहना है कि यह केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है। सोशल मीडिया पर नए अपलोड होने वाले कंटेंट पर भी नजर रखी जा रही है, जिससे ऐसा कोई भी संदेश, वीडियो या पोस्ट सामने आने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल के प्रस्तावित ‘एंटी-गुंडा बिल’ को लेकर सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को पीआईबी फैक्ट चेक ने भ्रामक और गलत बताया है। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि राष्ट्रपति ने विधेयक को पुनर्विचार के लिए पश्चिम बंगाल सरकार को लौटा दिया है।
पीआईबी फैक्ट चेक के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ‘द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ अभी परीक्षण की प्रक्रिया में है।
पीआईबी फैक्ट चेक की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा जानकारी के अनुसार, “पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यपाल द्वारा आरक्षित किए गए इस विधेयक को राष्ट्रपति के विचार और मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा था।”
इसके बाद विधेयक को परीक्षण और टिप्पणियों के लिए केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के बीच सर्कुलेट किया गया। गृह मंत्रालय के स्पष्टीकरण के मुताबिक, विधेयक पर परीक्षण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
