चंडीगढ़, 21 सितंबर (आईएएनएस)। चंडीगढ़ की विशेष पीएमएलए अदालत ने रिश्वत मामले में गिरफ्तार बिचौलिए कृशानू शारदा को सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने 18 सितंबर को कृशानू शारदा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के तत्कालीन डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और अन्य लोगों से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई।
ईडी ने इस मामले में जांच सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी), चंडीगढ़ द्वारा हरचरण सिंह भुल्लर, कृशानू शारदा और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार मुख्य अपराध की जांच में प्रथमदृष्टया सामने आया कि सरकारी कर्मचारी और मुख्य आरोपी हरचरण सिंह भुल्लर ने कृशानू शारदा के माध्यम से काम किया। ईडी का आरोप है कि शारदा ने रिश्वत की मांग करने और उसे स्वीकार करने में बिचौलिए की भूमिका निभाई।
जांच में सामने आए एक मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इसमें से 5 लाख रुपए कृशानू शारदा के माध्यम से लिए गए। ईडी के मुताबिक, यह रकम एक आपराधिक मामले को निपटाने और शिकायतकर्ता को पुलिस के हस्तक्षेप के बिना अपना स्क्रैप कारोबार जारी रखने देने के एवज में मांगी गई थी।
ईडी ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान शारदा द्वारा हरचरण सिंह भुल्लर की ओर से पैसे लेने और उनके वित्तीय लेन-देन में मदद करने के संकेत मिले। पीएमएलए की धारा 17 के तहत की गई तलाशी के दौरान 8.35 लाख रुपए जब्त किए गए। इसके अलावा बैंक और पोस्ट ऑफिस खातों तथा निवेशों को फ्रीज किया गया, जिनमें कुल करीब 1.42 करोड़ रुपए का बैलेंस बताया गया है।
एजेंसी के अनुसार, वित्तीय दस्तावेजों और जब्त डिजिटल उपकरणों की जांच में बिना हिसाब के नकद जमा, निवेश और लेन-देन का पता चला है। इनमें हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े लेन-देन भी शामिल हैं। ईडी को प्रथम दृष्टया कुछ अन्य सरकारी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के संकेत भी मिले हैं।
