मुंबई, 24 अगस्त (आईएएनएस)। मुंबई में गणपति जुलूस के दौरान कथित तौर पर अंडे और पत्थर फेंके जाने की घटना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने घटना को गलत बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, लेकिन साथ ही निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया। वहीं, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने कथित पत्थरबाजी की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अबू आजमी ने कहा कि गणपति की मूर्ति के जुलूस के दौरान उस पर अंडे फेंकना बेहद गलत है और ऐसा करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मामले की पूरी जांच होना जरूरी है। भिवंडी की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे एक पहाड़ी पर जा रहे थे, जहां मंदिर भी है और लोग घूमने के लिए भी जाते हैं। वहां कुछ लोगों ने बच्चों को पकड़ लिया और उनके हाथ में मांस की थैली देकर यह दिखाने की कोशिश की कि वे मंदिर परिसर में मांस ले जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों के साथ मारपीट भी की गई।
आजमी ने कहा कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। कई बार जानबूझकर विवाद पैदा करने और किसी समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की जाती है। गणपति जुलूस पर अंडे फेंकने की घटना में भी पहले जांच होनी चाहिए और जिसके खिलाफ ठोस सबूत मिले, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, मंत्री नितेश राणे ने मझगांव में गणेश चतुर्थी की मिरवणूक के दौरान कथित पत्थरबाजी की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान इस तरह की घटना स्वीकार नहीं की जा सकती। राणे ने उन लोगों पर भी सवाल उठाए जो त्योहारों के दौरान भाईचारे और सर्वधर्म समभाव की बात करते हैं। सभी समुदायों को अपने धार्मिक त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का अधिकार है और किसी भी जुलूस या धार्मिक आयोजन को निशाना बनाया जाना गलत है।
मंत्री ने दावा किया कि पुलिस ने घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि महाराष्ट्र में धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या किसी समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

