बर्लिन, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। जर्मनी में नाजी तानाशाह एडॉल्फ हिटलर की कुख्यात पहाड़ी आवास ‘ईगल्स नेस्ट’ में शुक्रवार देर शाम (स्थानीय समयानुसार) भीषण आग लग गई। जर्मन पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।
शनिवार को पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, बवेरिया राज्य में ओबरसाल्जबर्ग की चोटी पर स्थित इस ऐतिहासिक इमारत, जिसे ‘केहलस्टीनहॉस’ के नाम से भी जाना जाता है, में लगी आग को बुझाने के लिए लगभग 200 दमकलकर्मियों को तैनात करना पड़ा।
पुलिस ने बताया कि जब दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे तो पूरी इमारत आग की चपेट में थी और लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं।
बाद में जारी बयान में पुलिस ने पुष्टि की कि आग में कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस प्रवक्ता लिसा मायर ने बताया कि 1,834 मीटर की ऊंचाई पर स्थित होने के कारण आग बुझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इमारत तक पहुंचने के लिए दमकलकर्मियों को ‘भारी श्वसन उपकरणों’ का इस्तेमाल करना पड़ा।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 9:50 बजे (1950 जीएमटी) स्मोक डिटेक्टर से अलार्म बजने के बाद अधिकारियों को आग की सूचना मिली। फिलहाल पुलिस आपराधिक एंगल से जांच कर रही है।
जर्मन टैब्लॉइड ‘बिल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने घटनास्थल की ओर जाते समय एक मोटरसाइकिल सवार को पकड़ा और आशंका जताई जा रही है कि यह आग जानबूझकर लगाई गई थी यानी यह आगजनी का मामला है।
गौरतलब है कि 1930 के दशक में बनी ‘ईगल्स नेस्ट’ इमारत जर्मनी के 20वीं सदी के इतिहास की निशानी माना जाता है। ये कभी हिटलर का बेहद सुरक्षित आवास हुआ करता था, जहां माना जाता है कि किताब ‘मीन कैम्फ’ के कुछ अंश लिखे गए थे। इसे 1938 में नाजी अधिकारियों के लिए एक गेस्ट हाउस के तौर पर बनाया गया था।
यह नाजी शासन का प्रतीक है और हिटलर के दौर की उन चुनिंदा इमारतों में से एक है जो द्वितीय विश्व युद्ध की बमबारी में पूरी तरह सुरक्षित बच गई थीं। आज, इसे एक ऐतिहासिक स्मारक का दर्जा प्राप्त है और यहां एक लोकप्रिय रेस्तरां भी है।
