नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’ नारों से जुड़े विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह एक लोकतांत्रिक देश है। लोगों को अपनी राय रखने की आजादी है।
सौगत रॉय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह एक लोकतांत्रिक देश है। लोगों को अपनी राय रखने की आजादी है। इसे लेकर कोई हंगामा नहीं होना चाहिए। जामिया मिल्लिया एक बहुत पुरानी संस्था है। जाकिर हुसैन ने इसकी स्थापना की थी। वहां अच्छी शिक्षा दी जाती है। इसलिए, वहां के छात्र अपनी राय रख सकते हैं। इसमें हंगामा करने वाली क्या बात है? यह सब भाजपा का बेकार का प्रोपेगेंडा है।”
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के कश्मीर के संबंध में दिए बयान पर सौगत रॉय ने कहा, “अगर किसी ने ऐसी राय जाहिर की है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि कश्मीर आजाद हो जाएगा। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। हालांकि, छात्र संघ चुनावों को लेकर उनकी जो मांग है, मैं उसका समर्थन करता हूं।”
दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका खारिज किए जाने पर एआईटीएमसी सांसद ने कहा, “मैंने यह देखा है, और मुझे दुख हुआ है। नेहा बोरा जो भी करती हैं, वह अभी एक युवा लड़की हैं और मैं उनका समर्थन करता हूं। वह बहुत बहादुर लड़की हैं।”
इन आरोपों पर कि चंद्रकोणा में तीन ईसाई परिवारों को दुर्गा पूजा के दौरान हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए मजबूर किया गया, सौगत रॉय ने कहा कि यह दुखद घटना है। ईसाई वर्ग छोटा और वह शिक्षित लोग होते हैं। उनके साथ अगर कोई जबरदस्ती की गई, मैं उसकी निंदा करता हूं।”
उन्होंने कहा कि इससे पहले मध्य प्रदेश, झारखंड और अन्य जगहों पर भाजपा ने अत्याचार किए, लेकिन यह सब बंद होना चाहिए। पश्चिम बंगाल में अब ऐसी घटना सामने आई है तो यह निंदनीय है और मुख्यमंत्री को इस पर ध्यान देना चाहिए।
