ढाका, 21 सितंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश में बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की ओर एक मानवाधिकार संगठन ने ध्यान दिलाया है। बेहद दयनीय तस्वीर साझा की है। बताया है कि इस साल जनवरी से अगस्त के दौरान देश भर में अपहरण के बाद हत्या, रेप, शारीरिक शोषण और हिंसा की विभिन्न घटनाओं में 155 बच्चों की मौत हो गई।
ढाका की मानवाधिकार संस्था ‘एन ओ सालिश केंद्र’ (आस्क) ने बताया कि इस साल के पहले आठ महीनों में लापता हुए 36 बच्चों के शव मिले। वहीं 68 बच्चों की जान शारीरिक शोषण के कारण गई तो 49 की मौत पारिवारिक हिंसा से जुड़ी घटनाओं में गई। दुष्कर्म के बाद 26 बच्चों की हत्या कर दी गई।
मानवाधिकार संस्था ने कहा कि रेप की कोशिश के बाद चार मासूमों की जान चली गई, जबकि तीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शारीरिक शोषण के कारण दो घरेलू कामगारों की मौत हो गई, दो बच्चों को पीछा करने वालों (स्टॉकर) ने मार डाला, और एक की हत्या अपहरण के बाद कर दी गई। बांग्लादेशी अखबार ‘ढाका ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, इसी दौरान आस्क ने आत्महत्या, रहस्यमय मौतों और बच्चों के शव मिलने के 99 मामले रिकॉर्ड किए।
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लापता बच्चों के शव मिलना बांग्लादेश में नाबालिगों के खिलाफ हिंसा के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है। इसमें रेप के बाद हत्या, जानलेवा शारीरिक शोषण और परिवार के साथ बच्चों की हत्या जैसी घटनाएं शामिल हैं।
कई मामलों में, आरोपी पीड़ितों के परिचित बताए गए।
हाल के हफ्तों में बांग्लादेश भर में बच्चों की हत्या के कई मामले सामने आए हैं।
9 सितंबर को पबना सदर से लापता हुए 10 साल की एक बच्ची का शव सात दिन बाद एक पोखर में मिला। पुलिस ने बताया कि बच्ची का रेप करने के बाद हत्या कर दी गई थी और इस घटना के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एक अन्य मामले में, 10 सितंबर को जमालपुर के मदारगंज में स्कूल जाने के बाद लापता हुई सात साल की बच्ची का शव अगले दिन अपने सहपाठी के घर की फर्श के नीचे दबा हुआ मिला।
पुलिस के अनुसार, सहपाठी के पिता ने बच्चे की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी; इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
‘ढाका ट्रिब्यून’ ने रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया कि चार अलग-अलग घटनाओं में परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सात बच्चों की भी हत्या कर दी गई।
बच्चों की हत्याओं की ये घटनाएं बांग्लादेश भर में बच्चों के लापता होने के लगातार जारी संकट के बीच हो रही हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल जनवरी और जुलाई के बीच देश भर में 15,000 से अधिक बच्चे लापता हुए, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
इस महीने की शुरुआत में, बांग्लादेशी पुलिस मुख्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि साल के पहले सात महीनों में 15,717 बच्चे लापता हुए थे। हालांकि 13,679 लोगों का पता लगा लिया गया, लेकिन 2,038 लोग लापता रहे, जो कुल संख्या का लगभग 13 प्रतिशत है।
