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मिजोरम में 2.74 करोड़ की हेरोइन और बर्मी सुपारी जब्त, चार गिरफ्तार

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आइजोल, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम राइफल्स ने मिजोरम में दो अलग-अलग अभियानों में लगभग 2.74 करोड़ रुपए मूल्य की हेरोइन और सूखे सुपारी जब्त किए हैं। इसके साथ ही म्यांमार के एक नागरिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के बारे में मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर असम राइफल्स ने मिजोरम के चम्फाई जिले के ‘नगुर’ इलाके में एक अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने एक व्यक्ति को रोका और अच्छी तरह तलाशी लेने पर उसके पास से 1,189 ग्राम हेरोइन बरामद की। बाजार भाव के अनुसार, जब्त की गई हेरोइन की कीमत लगभग 2.37 करोड़ रुपए आंकी गई है।

पकड़ा गया व्यक्ति म्यांमार का नागरिक निकला। प्रवक्ता ने बताया कि जब्त किए गए नशीले पदार्थों और पकड़े गए व्यक्ति को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए आबकारी एवं नशीले पदार्थ विभाग को सौंप दिया गया।

एक अन्य अभियान में असम राइफल्स ने मिजोरम पुलिस के साथ मिलकर चम्फाई जिले के ‘नॉर्थ डिल्टलैंग’ गांव से अवैध रूप से लाई जा रही सूखी सुपारी की एक खेप बरामद की। इस संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने सुपारी के 45 बोरे जब्त किए, जिनका कुल वजन 3,600 किलोग्राम था। इनकी बाजार कीमत लगभग 36.87 लाख रुपए आंकी गई है। इस मामले में तीन लोगों को पकड़ा गया है। इसके अलावा, अवैध सामान की ढुलाई में इस्तेमाल की जा रही तीन बोलेरो पिकअप गाड़ियां भी जब्त की गईं।

जब्त की गई सुपारी, पकड़े गए लोगों और गाड़ियों को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए मिजोरम पुलिस को सौंप दिया गया।

अधिकारी ने आगे कहा कि ये अभियान दर्शाते हैं कि असम राइफल्स, नागरिक एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर, मिजोरम की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ अवैध विदेशी सुपारी और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मिजोरम और मणिपुर पूर्वोत्तर भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रमुख रास्ते बन गए हैं। इसका मुख्य कारण म्यांमार के साथ इनकी लंबी और खुली अंतरराष्ट्रीय सीमाएं हैं। इसके साथ ही इनका ‘गोल्डन ट्रायंगल’ के करीब होना भी है, जो दुनिया में नशीले पदार्थों के अवैध उत्पादन वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है।

‘गोल्डन ट्रायंगल’ में म्यांमार, लाओस और थाईलैंड के कुछ हिस्से शामिल हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से नशीले पदार्थों और मनोप्रभावी पदार्थों के अवैध उत्पादन और तस्करी से जुड़ा रहा है। यह क्षेत्र एशिया के कई हिस्सों, जिनमें भारत के पूर्वोत्तर राज्य भी शामिल हैं, में तस्करी करके लाए जाने वाले नशीले पदार्थों का एक प्रमुख स्रोत बना हुआ है।

पूर्वोत्तर के करीब ‘गोल्डन ट्रायंगल’ की मौजूदगी ने सुरक्षा बलों और नशीले पदार्थों की रोकथाम करने वाली एजेंसियों के सामने लगातार चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, जो सीमा पार से नशीले पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी को रोकने के लिए काम कर रही हैं।

मिजोरम के छह जिले और मणिपुर के पांच जिले म्यांमार के साथ 910 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। इस सीमा का एक बड़ा हिस्सा बिना बाड़ वाला है, जिससे कई जगहों पर सीमा पार से तस्करी, अवैध व्यापार और नशीले पदार्थों व प्रतिबंधित वस्तुओं से जुड़ी अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों का खतरा बना रहता है।

सुरक्षा एजेंसियों ने तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और इस क्षेत्र में अवैध सामान की आवाजाही को रोकने के लिए सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है और संयुक्त अभियान चलाए हैं।