गुवाहाटी, 7 सितंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री के विजिलेंस सेल की नौ सदस्यीय टीम ने सोमवार को धेमाजी जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) और वरिष्ठ असम सिविल सेवा (एसीएस) अधिकारी देबेश्वर बोरा के सरकारी आवास पर तलाशी ली। यह कार्रवाई कथित अनियमितताओं और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के संदेह में चल रही जांच के सिलसिले में की गई।
विजिलेंस टीम गुवाहाटी से धेमाजी पहुंची और बोरा के सरकारी आवास पर तलाशी ली। ऑपरेशन के दौरान जांच करने वालों ने अधिकारी से पूछताछ की। अधिकारियों ने अभी तक मामले की जानकारी या तलाशी के दौरान देखे गए दस्तावेजों, संपत्ति या दूसरी चीजों के बारे में कुछ नहीं बताया है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस सेल ने एक डॉक्टर की शिकायत के बाद मामला शुरू किया। बताया जा रहा है कि ये आरोप राज्य के स्वास्थ्य विभाग के तहत मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च डिपार्टमेंट में संयुक्त सचिव के तौर पर बोरा के कार्यकाल से जुड़े हैं।
माना जा रहा है कि इस शिकायत के बाद उनकी पिछली पोस्टिंग के दौरान कथित अनियमितताओं की जांच शुरू हुई। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ी कुछ संपत्तियां और एसेट्स विजिलेंस सेल की जांच के दायरे में आईं।
सूत्रों ने बताया कि जांच के हिस्से के तौर पर गुवाहाटी और लखीमपुर में मौजूद संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जांचकर्ता कुछ संपत्तियों के मालिकाना हक की भी जांच कर रहे हैं, जो कथित तौर पर बोरा की पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं।
उम्मीद है कि जांच में उन संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए फंड के स्रोतों की भी जांच की जाएगी और देखा जाएगा कि क्या वे अधिकारी और उनके परिवार की ज्ञात आय से मेल खाते हैं।
डीडीसी के सरकारी आवास पर तलाशी चल रही जांच का हिस्सा है। इससे विजिलेंस सेल को आरोपों से जुड़े दस्तावेज और दूसरी सामग्री जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विजिलेंस सेल ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और न ही सोमवार की तलाशी के नतीजों का खुलासा किया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और जानकारी मिलने की उम्मीद है। आरोप अभी भी पुष्टि और कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं।
