Friday, June 12, 2026
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कर्नाटक बिटकॉइन स्कैम मामले में कैबिनेट सब-कमेटी के पुनर्गठन पर विचार करेगी सरकार: प्रियांक खड़गे

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बेंगलुरु, 12 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक में चर्चित बिटकॉइन स्कैम की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नेतृत्व वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) कर रही है, जिसमें राज्य के नेता भी शामिल हैं। इस मामले में गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि सरकार कैबिनेट की उप-समिति के पुनर्गठन की आवश्यकता की समीक्षा करेगी।

खड़गे ने शुक्रवार को कहा, “ईडी का एक मामला है, जो हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। पहले एक कैबिनेट सब-कमेटी बनाई गई थी। अब हम चर्चा करेंगे कि क्या इसे फिर से बनाने की जरूरत है।”

2017 के यूनोकॉइन बिटकॉइन चोरी मामले में एसआईटी द्वारा दायर चार्जशीट में कर्नाटक यूथ कांग्रेस के नेता मोहम्मद हारिस नलापाद का नाम शामिल है। नलापाद शांतिनगर से कांग्रेस विधायक एनए हारिस के बेटे हैं। 20 मई को बेंगलुरु की अदालत में पेश की गई चार्जशीट में मोहम्मद नलापाद के साथ-साथ कथित हैकर श्रीकृष्ण रमेश उर्फ ​​श्रीकी और उनके अकाउंटेंट रॉबिन खंडेलवाल का नाम भी शामिल है।

ईडी के नेतृत्व वाली एसआईटी ने मोहम्मद नलापाद को तीसरा नोटिस जारी किया है। एसआईटी की जांच से पता चला है कि बिटकॉइन को भारतीय मुद्रा में गैर-कानूनी रूप से बदलने के सिलसिले में नलापाद से जुड़े लेन-देन के जरिए करोड़ों रुपए का हेरफेर किया गया था।

यह मामला अंतरराष्ट्रीय हैकर श्रीकृष्ण उर्फ ​​श्रीकी से जुड़ा है, जिस पर गैर-कानूनी तरीके से बिटकॉइन हासिल करने और उन्हें गैर-कानूनी तरीकों से कैश में बदलने की कोशिश करने का आरोप है।

हाल ही में, ईडी अधिकारियों ने बेंगलुरु के शांतिनगर में कांग्रेस विधायक एनए हारिस और उनके बेटे मोहम्मद नलापाद के घरों पर एक साथ छापेमारी की, जिसके दौरान डिजिटल सबूत जब्त किए गए।

विवादास्पद बिदादी टाउनशिप मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा, “चन्नरायपटना शहर में भी विरोध हुआ था। हमने उनकी मांगें पूरी कीं। क्या यह वही जमीन नहीं है? जब पहले जेडीएस सत्ता में थी, तो यह एक अच्छा प्रोजेक्ट था। अब इसे गलत कैसे कहा जा सकता है?

प्रियांक खड़गे ने कहा, “स्थानीय विधायक इस पर पहले ही बात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने भी बैठक बुलाई है और चर्चा की है।”

उन्होंने इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे केंद्रीय मंत्री एचडी. कुमारस्वामी पर निशाना साधते हुए कहा, “लेकिन हम किसी पर जबरदस्ती नहीं कर सकते। अगर लोग इसे नहीं चाहते, तो हम आगे नहीं बढ़ेंगे। क्या आप जानते हैं कि इस विरोध के पीछे कौन है? जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, जब वे ऐसा करते हैं तो यह एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ होता है, लेकिन जब हम ऐसा करते हैं तो इसे किसान-विरोधी कहा जाता है।”

खड़गे ने पुलिसकर्मियों की साप्ताहिक छुट्टी के बारे में कहा, “कुछ कर्मचारियों ने साप्ताहिक छुट्टी के लिए अनुरोध किया है। मैंने उनसे थोड़ा समय मांगा है। मैंने अपने पिछले विभाग में भी यही मुद्दा उठाया था तब मैंने कर्मचारियों का भरोसा जीता था। अगर कर्मचारियों से जुड़ी कोई समस्या है, तो उसका समाधान होना चाहिए। आखिरकार वे हमारे कर्मचारी हैं। वे तनाव में हैं। हमें उनके स्वास्थ्य और परिवार की भलाई का ध्यान रखना चाहिए।”