केंद्रीय कैबिनेट ने पीएमजीएसवाई-III को मार्च 2028 तक जारी रखने की दी मंजूरी; तय किया गया 83,977 करोड़ रुपए का नया बजट

0
4

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-III) के तीसरे चरण को मार्च 2025 के बाद बढ़ाकर अब मार्च 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए संशोधित बजट 83,977 करोड़ रुपए तय किया गया है।

इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में मुख्य सड़कों और जरूरी संपर्क मार्गों को मजबूत किया जाएगा। खास तौर पर गांवों को ग्रामीण कृषि बाजार (ग्राम), उच्च माध्यमिक स्कूलों और अस्पतालों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस योजना की समय-सीमा बढ़ाने से इसके सामाजिक और आर्थिक फायदे पूरी तरह से सामने आएंगे। इससे ग्रामीण सड़कों के उन्नयन का काम पूरा हो सकेगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों और अन्य उत्पादकों को बाजार तक पहुंच आसान होगी, परिवहन समय और लागत कम होगी, और ग्रामीण आय में सुधार आएगा।

इसके अलावा, बेहतर कनेक्टिविटी से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी, खासकर दूर-दराज और पिछड़े इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए।

कैबिनेट ने योजना के तहत सड़कों और पुलों के निर्माण की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। मैदानी इलाकों में सड़कों और पुलों के लिए मार्च 2028 तक का समय दिया गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में पुलों के निर्माण के लिए समय-सीमा मार्च 2029 तक बढ़ाई गई है। साथ ही, 31 मार्च 2025 से पहले स्वीकृत लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुए प्रोजेक्ट्स को भी अब टेंडर के जरिए आगे बढ़ाया जा सकेगा।

इसके अलावा, लंबी दूरी के पुल भी योजना में शामिल किए गए हैं। ऐसे 161 पुलों को मंजूरी दी जाएगी, जिनकी अनुमानित लागत 961 करोड़ रुपए है। इन्हें पहले से स्वीकृत सड़कों के साथ जोड़ा जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस योजना के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सड़क निर्माण के जरिए सीधे रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से ग्रामीण व्यवसाय और सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।