नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को मद्रास, कलकत्ता, कर्नाटक और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 30 वकीलों और न्यायिक अधिकारियों को जज और अतिरिक्त जज के तौर पर नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (जीजेआई) से सलाह-मशविरा करके चार हाई कोर्ट में नियुक्तियों को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा, “भारत के संविधान से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए और भारत के मुख्य न्यायाधीश से सलाह-मशविरा करके राष्ट्रपति इन वकीलों/न्यायिक अधिकारियों को हाई कोर्ट में जज/अतिरिक्त जज के तौर पर नियुक्त करते हुए खुशी महसूस कर रहे हैं।”
केंद्र की अधिसूचना के अनुसार, पांच वकीलों- गोविंदराजन कृष्णस्वामी, रजनीश पथियिल, रमेश नटराजन, जीके मुथुकुमार और रामकृष्णन राजेश विवेकानंदन को मद्रास हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया है। दस अन्य लोगों को कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है। इनमें वकील रवीकुमार शंकरनारायणन, दिलीप कुमार नागराजन और एलप्पन मनोहरन शामिल हैं। इसके साथ ही न्यायिक अधिकारी डॉ पी मुरुगन, एमडी सुमति, एस एली, सी तिरुमंगल, षणमुगम कार्तिकेयन, मुरुगेसन बालूचामी और एन गुनासेकरन भी शामिल हैं।
इसके अलावा, आठ वकीलों- आर्यक दत्त, अतुरूप बनर्जी, संदीप कुमार डे, पार्थ प्रतिम रॉय, सुदीप देब, अनुज सिंह, अर्जुन रे मुखर्जी और ऋषद मेडोरा को कलकत्ता हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है।
छह वकीलों को कर्नाटक हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है। उनमें राघवेंद्र सीताराम श्रीवत्सा, हेमा कुलकर्णी, सुब्रमण्य रंगाराव, विवेकानंद थडागावाड़ी प्रकाश, प्रमोद बक्केश्वर और शांति भूषण होम्बे गौड़ा शामिल हैं। वहीं, वकील अमित लाहोटी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है।
ये नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा संबंधित हाई कोर्ट में वकीलों और न्यायिक अधिकारियों को प्रमोट करने की सिफारिश के बाद की गई हैं।

