बंगाल: ईडी की छापेमारी में मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश, पुलिस अधिकारियों की भी संदिग्ध भूमिका

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कोलकाता, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल कार्यालय ने पश्चिम बंगाल में एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। यह मामला एक जटिल नेटवर्क से जुड़ा है, जिसमें कई लोग और शेल कंपनियां शामिल हैं।

रविवार को एजेंसी ने कोलकाता में कल्याण शुक्ला और संजय कुमार कानोडिया से जुड़े तीन ठिकानों पर छापेमारी की। इन छापों में 10 लाख रुपए नकद, सोने के गहने और बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण तथा दस्तावेज जब्त किए गए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जब्त सामग्री से पता चलता है कि मुख्य आरोपियों और कई राजनीतिक रूप से जुड़े व्यक्तियों के बीच बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन हुआ है।

यह जांच मुख्य रूप से जय एस कमदार पर केंद्रित है, जिसे 19 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और वह विशेष पीएमएलए अदालत के आदेश के बाद अभी भी हिरासत में है। उसे एक बड़े हवाला नेटवर्क का सरगना बताया जा रहा है, जो कई शेल कंपनियों के जरिए देश के भीतर और बाहर लेन-देन करता था।

उसकी वित्तीय जांच में यह भी सामने आया कि उसने कोलकाता स्थित एक शैक्षणिक ट्रस्ट से 40 करोड़ रुपए से अधिक की हेराफेरी की।

वित्तीय अनियमितताओं के अलावा, कमदार की जांच सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार से कथित संबंधों को लेकर भी चल रही है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि कमदार ने सोमा सोनार पोद्दार को हथियार उपलब्ध कराए, हालांकि उन्होंने इन लेन-देन की जानकारी नहीं दी है।

मामले का एक अहम पहलू आरोपियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच मिलीभगत का भी है। एजेंसी ने पाया है कि कमदार कई पुलिस अधिकारियों, जिनमें डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस शंतनु सिन्हा बिस्वास शामिल हैं, के संपर्क में था।

आरोप है कि कमदार ने इन अधिकारियों और उनके परिवारों को महंगे उपहार और सुविधाएं दीं, ताकि पुलिस विभाग में प्रभाव बनाया जा सके। इस प्रभाव का उपयोग कथित तौर पर झूठी शिकायतें दर्ज कराने और खासकर महंगी संपत्तियों से जुड़े विवादों में किया गया।

डिप्टी कमिश्नर के आवास पर इस महीने की शुरुआत में छापेमारी की गई थी, लेकिन वे उस समय मौजूद नहीं थे और कई समन के बावजूद एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं।

यह जांच 1 अप्रैल को हुई पिछली छापेमारी के बाद आगे बढ़ी, जिसमें लगभग 1.47 करोड़ रुपए नकद, 67 लाख रुपए से अधिक के सोने-चांदी, एक लग्जरी वाहन और एक अवैध रिवॉल्वर बरामद हुई थी।

एजेंसी ने कई जमीन और इमारतों की पहचान की है, जिन्हें अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति माना जा रहा है।