अशोकनगर, 28 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में लकड़ी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया गया। इस हमले में डिप्टी रेंजर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि वन विभाग के दो अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मंगलवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार को मुंगावली वन परिक्षेत्र के किरौला गांव के पास हुई। वन विभाग की आठ सदस्यीय टीम को सूचना मिली थी कि पास के जंगल से अवैध रूप से काटी गई लकड़ी बैलगाड़ी के जरिए ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर लकड़ी से लदी बैलगाड़ी को रोक लिया और उसे जब्त कर लिया।
इसके बाद जब जब्त की गई बैलगाड़ी को ट्रैक्टर की मदद से मुंगावली ले जाया जा रहा था, तभी बैलगाड़ी के साथ मौजूद कुछ लोगों ने अपने साथियों को इसकी सूचना दे दी। थोड़ी ही देर में पांच मोटरसाइकिलों पर सवार 8 से 10 लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्रैक्टर का रास्ता रोक लिया और वन विभाग की टीम पर लाठी, पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
मुंगावली के एसडीओपी सनम बी. खान ने बताया कि वन विभाग की टीम जंगल क्षेत्र में निरीक्षण और जब्ती की कार्रवाई कर रही थी, तभी हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।
हमले में डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम के पैर में फ्रैक्चर हो गया। वहीं, वन कर्मचारी बलवीर पटेल सहित दो अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आईं। सभी घायलों को पहले मुंगावली सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कमलेश बाथम को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस का कहना है कि हमला करने के बाद सभी आरोपी पास के जंगल की ओर भाग गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी जियाजीगढ़ गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है।
एसडीओपी सनम बी. खान ने बताया कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि मामले में केस दर्ज किया जा रहा है और घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

