कोलकाता, 17 जून (आईएएनएस)। पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद सुशांत घोष को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उसे ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया।
सुशांत घोष वार्ड नंबर 108 से कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन का तृणमूल कांग्रेस से पार्षद रहा। कई आरोपों में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें पैसों की वसूली जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी।
कथित तौर पर सुशांत अपनी कार को छोड़कर ओडिशा भाग गया था। उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन टीएमसी के पूर्व पार्षद भागने में सफल रहे। उसे पकड़ने के लिए व्यापाक सर्च अभियान की शुरुआत की गई। आखिरकार सुशांत को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस गिरफ्तारी के साथ ही पिछले एक महीने में अब तक तृणमूल कांग्रेस के 11 पार्षदों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी पार्षदों को विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, हॉकर्स समिति के कई सदस्य आनंदपुर पुलिस स्टेशन पहुंचे थे और वहां उन्होंने सुशांत घोष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं ने पूर्व पार्षद पर वार्ड नंबर 108 में 3 करोड़ रुपए की वसूली का आरोप लगाया था।
जैसे ही तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, वैसे ही उन्होंने पुलिस के साथ लुक्काचुप्पी का खेल शुरू कर दिया। पुलिस उसका पीछा करते हुए ओडिशा तक पहुंची। पूर्व पार्षद पुलिस के सुगबुगाहट के बारे में जानकर वहां से फरार गया।
पुलिस ने ड्राइवर सुजीत चौधरी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
बीते महीने सुशांत घोष ने केएमसी में बरो कमेटी नंबर 12 में से चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उन्होंने काउंसिलर के पद से इस्तीफा नहीं दिया था, लेकिन फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद केएमसी से जुड़े म्युनिसिपल बोर्ड को भंग कर दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस जांच में अब तक सुशांत के नाम से कई संपत्तियों का खुलासा हुआ है। यह भी आरोप लगाया गया है कि सुशांत के पास गुमनामों नामों से भी कई संपत्तियां हैं।
जांचकर्ताओं ने शुरुआती जांच में इस बात का खुलासा किया है कि उसकी संपत्तियों की कीमत करोड़ों में हो सकती है। अब पुलिस सुशांत को हिरासत में लेने के बाद इस मामले में विस्तार से पूछताछ करेगी।
फिलहाल, उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले जाया जा रहा है।

