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‘राजनीति में आने की इतनी इच्छा है तो आ जाइए’, जनरल अनिल चौहान की टिप्पणी पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का तंज

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नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ऑपरेशन सिंदूर से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सेना को “पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता” दिए जाने संबंधी पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल चौहान के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उनकी राजनीति में आने की इच्छा है तो वह आ सकते हैं।

दरअसल, जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विवेकानंद केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सशस्त्र बलों को पूरी परिचालन स्वतंत्रता दी थी और कार्रवाई का समय तय करने का फैसला सैन्य नेतृत्व पर छोड़ दिया था।

जनरल चौहान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सेना से सिर्फ इतना कहा था कि किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है, इसलिए कार्रवाई अपने समय पर करें, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि मिशन मानवीय या तकनीकी किसी भी वजह से विफल न हो और हर कार्रवाई के पर्याप्त सबूत मौजूद हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सेना को “कम्प्लीट फ्रीडम ऑफ एक्शन” दी थी।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने आईएएनएस से कहा, “मोदी जी की तारीफ करते रहिए। पहले भी पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह राजनीति में आए थे। अगर आपकी भी राजनीति में आने की इच्छा है तो आइए, शामिल हो जाइए।”

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्य मुकाबला सपा और भाजपा के बीच होगा, मसूद ने कहा कि देश की लड़ाई दो विचारधाराओं के बीच है।

उन्होंने कहा, “एक विचारधारा का नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं और दूसरी का पीएम नरेंद्र मोदी। यह देश में बदलाव की लड़ाई है। इस लड़ाई में कुछ सहयोगी इधर होंगे, कुछ उधर, लेकिन नेतृत्व राहुल गांधी के हाथ में है।”

उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को आजीवन मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के फैसले पर मसूद ने सवाल उठाते हुए कहा, “60 साल से अधिक उम्र की महिलाएं बसों में कितनी यात्रा कर पाएंगी?”

युवाओं के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने के फैसले पर उन्होंने कहा कि केवल ऐसे प्रलोभन देने से युवाओं और छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के 70 छात्रों ने आत्महत्या की है। जब देश के सबसे मेधावी छात्र ऐसा कदम उठा रहे हैं, तो हालात की गंभीरता समझी जा सकती है।”

मसूद ने सरकार पर स्थायी नौकरियों के बजाय संविदा आधारित रोजगार को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “सरकार हर जगह संविदा व्यवस्था पर चल रही है। वह स्थायी नौकरियां नहीं देना चाहती, क्योंकि ऐसा करने पर आरक्षण लागू करना पड़ेगा।”

इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर, जिसमें कहा गया कि हिजाब स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है, मसूद ने कहा कि किसी व्यक्ति के पहनावे को धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “सिर ढकना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। कोई सिर ढके या न ढके, यह उसका व्यक्तिगत फैसला है। इसे धर्म के चश्मे से नहीं देखना चाहिए।”

भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन की आलोचना पर मसूद ने कहा, “कंगना को पहले यह देखना चाहिए कि उन्होंने खुद क्या पहना है, उसके बाद दूसरों के कपड़ों पर टिप्पणी करनी चाहिए।”