सोल, 19 मई (आईएएनएस)। एक नागरिक समूह के अनुसार, दक्षिण कोरिया के एक कार्यकर्ता को ले जा रहे एक मानवीय सहायता बेड़े को इजरायली सेना ने गाजा पट्टी की ओर जाते समय रोक लिया है।
फिलिस्तीन की आजादी का समर्थन करने वाले इस समूह ने बताया कि ‘काइरियाकोस एक्स’ नाम के जहाज पर सवार कार्यकर्ता किम डोंग-ह्योन को सोमवार देर रात (सोल समयानुसार) साइप्रस के पास इजरायली नौसेना ने रोक लिया।
समूह का कहना है कि किम को अब संभवतः अन्य देशों से आए कार्यकर्ताओं के साथ एक इजरायली युद्धपोत पर हिरासत में रखा गया है।
किम इस महीने की शुरुआत में गाजा के लिए रवाना हुए थे, जबकि सरकार ने उस इलाके की यात्रा पर प्रतिबंध लगा रखा था।
उनसे पहले, एक अन्य कार्यकर्ता किम आह-ह्यून भी सरकारी अनुमति के बिना गाजा जाने की कोशिश कर चुकी थीं। अक्टूबर में बिना अनुमति वहां प्रवेश करने की कोशिश के बाद उनका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया था।
उस समय उन्हें इजरायली सेना ने हिरासत में लिया था और बाद में रिहा कर दिया था।
नागरिक समूह ने बताया कि जिस नाव पर वह यात्रा कर रही हैं, वह भी ‘काइरियाकोस एक्स’ के पास है और उसके भी जब्त किए जाने का खतरा है।
दक्षिण कोरिया के नियमों के अनुसार, बिना सरकारी अनुमति के किसी भी नागरिक को गाजा पट्टी में जाना या वहां रहना मना है। नियम तोड़ने पर एक साल तक की जेल या 10 लाख वोन (लगभग 6,685 अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना हो सकता है।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, समूह ने बाद में सोल स्थित इजरायली दूतावास के सामने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता की तत्काल रिहाई की मांग की।
समूह ने दक्षिण कोरियाई सरकार से भी अपील की कि वह उनकी जल्द रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास करे। समूह ने कहा कि यह अभियान इस बात के विरोध में चलाया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पिछले दो वर्षों से इजरायल के कथित ‘जनसंहार’ पर चुप्पी साधे हुए है।

