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जम्मू-कश्मीर : किश्तवाड़ में एसपीओ की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया

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जम्मू, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) की कथित हत्या के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

किश्तवाड़ जिले के एक जंगली इलाके में गड्ढे से एसपीओ का शव बरामद किया गया।

15 अक्टूबर को त्रिगाम स्थित एक पुलिस पिकेट से एसपीओ बशीर अहमद अपने सर्विस वेपन के साथ लापता हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने कई टीमों के साथ तलाशी अभियान शुरू किया।

16 अक्टूबर को तलाशी के दौरान, पुलिस को एसपीओ का सर्विस हथियार मिला और बाद में त्रिगाम जंगल के सेरान वानी इलाके में एक नाले के पास गड्ढे में दबा हुआ उनका शव बरामद हुआ।

किश्तवाड़ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों, अब्दुल अजीज डार के बेटे बशीर अहमद डार और बशीर अहमद डार के बेटे नजीर अहमद डार, की पहचान की। दोनों त्रिगाम के सेरान वानी के रहने वाले हैं और पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में हत्या के पीछे के मकसद और साजिश का पता चला है। उनकी निशानदेही पर अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार और मृतक का सामान भी बरामद कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच चल रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे के मकसद का खुलासा नहीं किया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस में स्पेशल पुलिस ऑफिसर एक सहायक बल के रूप में काम करते हैं, जो नियमित पुलिस और सुरक्षा बलों की मदद करते हैं।

एसपीओ आतंकवाद विरोधी अभियानों, गश्त और इलाके में सुरक्षा बनाए रखने में नियमित पुलिस और सुरक्षा बलों की सहायता करते हैं। वे भीड़ को नियंत्रित करने, ट्रैफिक व्यवस्था, स्थानीय सुरक्षा कार्यों और रोजमर्रा के पुलिसिंग कार्यों में मदद करते हैं। वे स्थानीय पुलिस स्टेशनों और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा सौंपे गए कार्यों के लिए चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहते हैं।

वे पुलिस इकाइयों में ड्राइवर या सामान्य सहायक स्टाफ के रूप में काम करते हैं। उन्हें 1995 में शुरू की गई एक योजना के तहत अनुबंध/अस्थायी आधार पर भर्ती किया जाता है, जिसका उद्देश्य आतंकवाद से निपटने में मदद करना था।