चेन्नई, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मदुरंतकम और धारापुरम में वामपंथी पार्टियों की पहुंच बढ़ाने में उम्मीदवार-केंद्रित सोशल मीडिया पेज, वाट्सअप ग्रुप और खास चैनल अहम भूमिका निभा रहे हैं। यहां सीपीआई और सीपीआई(एम) विधानसभा उपचुनाव से पहले वोटरों से जुड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं।
ज्यादातर गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली पार्टियां, कैंपेन की जानकारी फैलाने, अपने उम्मीदवारों के विचार रखने और वोटरों द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों पर ध्यान दिलाने के लिए अपने कैडर नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही हैं।
पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यकर्ता और समर्थक अपनी मर्जी से वाट्सअप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए यह जानकारी शेयर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैंपेन में पेड प्रमोशन या बल्क एसएमएस मैसेजिंग शामिल नहीं है।
अकेले सीपीआई(एम) के मदुरंतकम कैंपेन ने 100 से ज्यादा वाट्सअप ग्रुप बनाए हैं। पार्टी के कैंपेन इंचार्ज एस. कन्नन ने बताया कि हर ग्रुप में लगभग 30 पार्टी सदस्य और उस इलाके के 300-500 वोटर शामिल होते हैं। ये ग्रुप वोटरों के बीच कैंपेन के मैसेज फैलाने का जरिया बनते हैं और साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में अपनी गतिविधियों में तालमेल बिठाने में मदद करते हैं।
पार्टी के राज्य सोशल मीडिया इंचार्ज सुथिर ने बताया कि सीपीआई(एम) ने उपचुनाव के लिए एक खास वाट्सअप चैनल और अलग-अलग फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज भी बनाए हैं। इसके सोशल मीडिया पेजों का टाइटल “वोट फॉर सुगंधी” है, जिससे मदुरंतकम उम्मीदवार पार्टी के ऑनलाइन कैंपेन के केंद्र में आ जाती हैं।
इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल उनके विचारों और सार्वजनिक मुद्दों पर पार्टी के नजरिए को शेयर करने के लिए किया जा रहा है। अपने प्रिंटेड प्रचार मटीरियल को डिजिटल कैंपेन से जोड़ने के लिए, सीपीआई(एम) ने वोटरों को बांटे जाने वाले पैम्फलेट पर क्यूआर कोड शामिल किए हैं। कोड स्कैन करके लोग कैंपेन की जानकारी पा सकते हैं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए पार्टी के विचार जान सकते हैं।
धारापुरम में, सीपीआई ने चुनाव क्षेत्र को तीन हिस्सों में बांटकर अपना डिजिटल आउटरीच प्लान बनाया है। इसने हर हिस्से के लिए “धारापुरम इदाथु पक्कम” नाम से एक वाट्सअप चैनल बनाया है, जिसका पार्टी सदस्य मतलब बताते हैं – “धरापुरम लेफ्ट (वामपंथ) के लिए है”।
चुनाव क्षेत्र में लगभग 100 वाट्सअप ग्रुप भी बनाए गए हैं, जिससे पार्टी को मैसेज फैलाने और कैंपेन के काम में तालमेल बिठाने के लिए एक अतिरिक्त नेटवर्क मिल गया है। दोनों चुनाव क्षेत्रों में, पार्टी संगठन और डिजिटल कम्युनिकेशन को मिलाकर काम किया जा रहा है।
कैडर ग्रुप्स के जरिए जानकारी फैलाते हैं, जबकि खास चैनल और सोशल मीडिया पेज वोटरों को कैंपेन से जुड़े रहने में मदद करते हैं। दोनों पार्टियां उन प्लैटफॉर्म्स के जरिए अपनी पहुंच बढ़ा रही हैं जिनका इस्तेमाल वोटर पहले से ही करते हैं। मदुरंतकम और धारापुरम में चुनाव प्रचार के दौरान समर्थक उनके संदेशों को अलग-अलग नेटवर्क तक पहुंचा रहे हैं।
