जम्मू/भोपाल, 29 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार जम्मू और कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी धाम की प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर रही है ताकि राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।
माता वैष्णो देवी धाम के लिए रवाना होने से पहले जम्मू में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल को धाम में व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन करने का काम सौंपा गया है, जिसमें डिजिटल पंजीकरण प्रणाली, भीड़ नियंत्रण उपाय, आवास सुविधाएं और सुव्यवस्थित दर्शन प्रबंधन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मध्य प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य देश भर की सफल प्रणालियों को अपनाकर राज्य को तीर्थयात्रियों के लिए एक आदर्श गंतव्य के रूप में विकसित करना है।
जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग के अधिकारियों से तीर्थयात्रा प्रबंधन और पर्यटन अवसंरचना के संबंध में भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि इस अध्ययन से राज्य सरकार को प्रशासनिक व्यवस्थाओं का आधुनिकीकरण करने और उज्जैन के महाकाल मंदिर, ओंकारेश्वर धाम और धार की भोजशाला सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सेवाओं में सुधार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं के लिए एक सुव्यवस्थित और सेवा-उन्मुख व्यवस्था बनाई है। दर्शन व्यवस्था के साथ-साथ यह शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवा संस्थान भी संचालित कर रहा है। हम इस मॉडल का विस्तार से अध्ययन करना चाहते हैं और मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की सुविधाएं विकसित करना चाहते हैं।
राज्य में चल रही धार्मिक अवसंरचना परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि 2028 के सिंहस्थ पर्व के लिए उज्जैन में लगभग 30,000 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाएं चल रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ओंकारेश्वर में लगभग 3,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली एकतम धाम परियोजना भी तेजी से प्रगति कर रही है।

