नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को बड़ी सफलता मिली है। वांछित नार्को-आतंकवादी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को गिरफ्तार करके पुर्तगाल से भारत लाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि उसे पुर्तगाल से भारत लाने के लिए लंबे समय तक चले कूटनीतिक और कानूनी प्रयासों के बाद यह सफलता मिली।
इकबाल सिंह उर्फ शेरा को हिजबुल मुजाहिदीन के एक बड़े आतंकी फंडिंग मामले का मास्टरमाइंड माना जाता है। पुर्तगाल से दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने के तुरंत बाद एनआईए की एक टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। वह 2020 से पुर्तगाल में छिपा हुआ था।
एनआईए ने अपनी जांच के दौरान शेरा की पहचान भारत स्थित एक नार्को-टेरर मॉड्यूल के मुख्य साजिशकर्ता और हैंडलर के रूप में की। यह मॉड्यूल पाकिस्तान से भारत में हेरोइन की तस्करी में शामिल था। पंजाब के अमृतसर जिले का रहने वाला शेरा, सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी करने और देश के भीतर एक बड़ा वितरण नेटवर्क चलाने की साजिश का मास्टरमाइंड था।
जांचकर्ताओं ने पाया कि वह हेरोइन की खेपों की तस्करी और वितरण का समन्वय और देखरेख करता था। साथ ही, वह हवाला चैनलों के जरिए मिलने वाले पैसे को पाकिस्तान और कश्मीर स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के गुर्गों तक पहुंचाता था, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को फंड किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि शेरा ने भारत विरोधी नार्को-आतंक साजिश को आगे बढ़ाने के लिए एक आतंकवादी गिरोह बनाया था। उसने पंजाब में एक ऐसा नेटवर्क स्थापित किया था जो हेरोइन की तस्करी, नशीले पदार्थों से मिलने वाले पैसे की वसूली और उस पैसे को आतंकवादी हैंडलरों और गुर्गों तक पहुंचाने का काम करता था। कथित तौर पर वह पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के गुर्गों के भी सीधे संपर्क में था।
इस मामले को शुरू में पंजाब पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के ‘ओवरग्राउंड वर्कर’ हिलाल अहमद शेरगोजरी की गिरफ्तारी के बाद दर्ज किया था। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने हिलाल से 29 लाख रुपए बरामद किए, जो ड्रग्स की बिक्री से मिले थे। हिलाल को मारे गए आतंकवादी कमांडर रियाज अहमद नाइकू का करीबी साथी बताया जाता था।
इसके बाद हुई जांच में 32 लाख रुपए और बरामद हुए, जिनके बारे में माना जाता है कि वे नार्को-आतंकी फंडिंग से जुड़े थे। ये पैसे इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े पंजाब के अलग-अलग सदस्यों से बरामद किए गए थे। जांच का जिम्मा संभालने के बाद, एनआईए ने इस मॉड्यूल को खत्म करने और पुर्तगाल से शेरा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए।
एजेंसी के अनुसार, शेरा को नार्को-आतंकी मॉड्यूल मामले में एक वांछित आरोपी घोषित किया गया था और अक्टूबर 2020 में उसके खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। जून 2021 में उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल नोटिस भी जारी किया गया था। बुधवार को पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद भारत वापस लाया गया। फिलहाल, इस मामले में आगे की जांच जारी है।

