जयपुर, 2 नवंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के बाड़मेर में सरकारी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। सीनियर छात्रों ने कथित तौर पर जूनियर छात्रों को गंदे मैसेज और कंटेंट भेजे और उन्हें गाली-गलौज और मानसिक तौर से परेशान किया है।
प्रभावित स्टूडेंट्स की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन ने एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच और सिफारिशों के बाद 80 विद्यार्थियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
इस एक्शन के तहत, 13 विद्यार्थियों को सरकारी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से हमेशा के लिए निकाल दिया गया है, जबकि छह को 60 दिनों के लिए एकेडमिक एक्टिविटीज से सस्पेंड कर दिया गया है। सात अन्य स्टूडेंट्स को 30 दिनों के लिए क्लास में आने से रोक दिया गया है।
इसके अलावा, 11 स्टूडेंट्स को हॉस्टल से 30 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। एडमिनिस्ट्रेशन ने 34 स्टूडेंट्स को सख्त चेतावनी भी दी है, जिसमें यह साफ किया गया है कि रैगिंग या इसी तरह के गलत काम में आगे शामिल होने पर उन्हें तुरंत कॉलेज से निकाला जा सकता है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई में एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज पर भी रोक शामिल है। कार्रवाई का सामना कर रहे सभी स्टूडेंट्स को एक साल के लिए कॉलेज के स्पोर्ट्स और कल्चरल इवेंट्स में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है। खास तौर पर, 2026 बैच के पांच जूनियर स्टूडेंट्स को भी चेतावनी दी गई है और उन्हें सही व्यवहार बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनूप गुर्जर ने कहा कि एक्टिविटीज पर नजर रखने के लिए पूरे कॉलेज कैंपस में 250 कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा, “हाल ही में, सीनियर स्टूडेंट्स को सोशल मीडिया पर 130 जूनियर स्टूडेंट्स के बैच से इंट्रोडक्शन मांगते हुए देखा गया। जैसे ही हमें यह जानकारी मिली, तुरंत एक्शन लिया गया।”
उन्होंने आगे कहा कि एंटी-रैगिंग कमेटी ने घटना की जांच की और आरोपों की पुष्टि करने के बाद डिसिप्लिनरी एक्शन लेने की सलाह दी।
इस घटना से कैंपस में हलचल मच गई है। कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन ने रैगिंग और शोषण को लेकर सख्त रवैया अपनाया है। इस एक्शन का मकसद एक सुरक्षित एकेडमिक माहौल सुनिश्चित करना और यह कड़ा मैसेज देना है कि किसी भी तरह की रैगिंग, गाली-गलौज या शोषण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
