SGSU Advertisement
Home अपराध नशे के खिलाफ केरल सरकार की बड़ी पहल, अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट पर...

नशे के खिलाफ केरल सरकार की बड़ी पहल, अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट पर कार्रवाई के लिए बनाई विशेष जांच टीम

0
2

तिरुवनंतपुरम, 18 सितंबर (आईएएनएस)। केरल सरकार नशे के खिलाफ अपने अभियान ‘ऑपरेशन तूफान’ को अब वार्ड स्तर तक ले जा रही है। इसके साथ ही अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों वाले बड़े ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक विशेष जांच टीम भी बनाई गई है।

गृह मंत्री चेन्निथला ने बताया कि एंटी-नारकोटिक्स इन्वेस्टिगेशन टीम ने काम शुरू कर दिया है। इस टीम का नेतृत्व ऑपरेशन तूफान के नोडल अधिकारी और नॉर्थ आईजी पुट्ट विमलादित्य करेंगे। टीम की तीन यूनिट तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम और कोझिकोड में होंगी।

हर यूनिट में 10 पुलिसकर्मी होंगे। इनमें एक डीएसपी, दो सर्किल इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी शामिल होंगे।ये विशेष टीमें बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों और केरल से बाहर तथा विदेशों से जुड़े ड्रग नेटवर्क पर ध्यान देंगी।

सरकार ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य जांच को ज्यादा वैज्ञानिक, केंद्रित और बेहतर तालमेल वाला बनाना है। खास तौर पर नशीले पदार्थों के बड़े सप्लायरों और उनके स्रोतों से जुड़े मामलों पर ध्यान दिया जाएगा।

दूसरी ओर सरकार स्थानीय स्वशासन विभाग के सहयोग से वार्ड स्तर पर ‘तूफान जन जाग्रता समितियों’ का गठन करेगी। इन समितियों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, कुदुम्बश्री के सदस्यों, आशा कार्यकर्ताओं, हरित कर्म सेना, युवा संगठनों और दूसरे सामुदायिक समूहों को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन 28 सितंबर को मलप्पुरम के वेंगरा में वार्ड स्तर की इस पहल का राज्य स्तरीय शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योग मंत्री पीके कुन्हालीकुट्टी करेंगे।

ऑपरेशन तूफान के दूसरे चरण में नशीले पदार्थों की सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के साथ-साथ नशे की मांग कम करने और नशा करने वालों के पुनर्वास पर भी ज्यादा जोर दिया जाएगा। ‘तूफान केयर’ के तहत करीब 35 बड़े अस्पतालों ने इस अभियान से जुड़ने की इच्छा जताई है। इसके साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से पुनर्वास से जुड़ा एक प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा।

एक ‘तूफान ऐप’ भी तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए नशे की गिरफ्त में आए लोग मदद मांग सकेंगे और अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात कर सकेंगे। अमृता यूनिवर्सिटी का आईटी विभाग इसके लिए तकनीकी सहायता दे रहा है।

चेन्निथला ने कहा कि सरकार के आकलन के अनुसार, ऑपरेशन तूफान के कारण केरल में नशीले पदार्थों की सप्लाई में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि अभियान अब केवल नशीले पदार्थों का वितरण करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्रग्स की सप्लाई के असली स्रोतों तक पहुंच रहा है।

चेन्निथला ने यह भी कहा कि आरोपियों को नशीले पदार्थ खरीदने के लिए आर्थिक मदद देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसका मतलब है कि जांच केवल सीधे तौर पर ड्रग्स की सप्लाई करने वालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नशीले पदार्थों के कारोबार को आर्थिक मदद देने वाले पूरे नेटवर्क की भी जांच की जाएगी।