मुंबई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि देश के युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार को एकीकृत करना आवश्यक है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, और एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तेजी से बदलती प्रौद्योगिकियों के साथ, निरंतर कौशल विकास समय की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि विश्व स्तर पर 28 से अधिक देशों में मानव संसाधनों की भारी मांग है, और सरकार महाराष्ट्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
फडणवीस कोंकण और नासिक मंडलों के सभी जिलों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन मुंबई स्थित श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी (एसएनडीटी) महिला विश्वविद्यालय में कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग द्वारा किया गया था।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं साहिदा परमानिक और कांति शंभू चव्हाण को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिन्हें क्रेवा कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान के तहत इस रोजगार मेले का आयोजन किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस मेले से कोंकण और नासिक डिवीजनों के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अधिकतम अवसर खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए आवश्यक त्रिमूर्ति हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के माध्यम से मानव संसाधन विकास 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने की नींव है।
उन्होंने कहा कि गरीबी मुक्त, बेरोजगारी मुक्त और रोग मुक्त भारत के अपने सपने को साकार करने के लिए हमें इस त्रिपक्षीय रणनीति पर अपना पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा। आज देश की 65 प्रतिशत आबादी सक्रिय युवा कार्यबल है। उद्यमियों को कुशल मानव संसाधनों की आवश्यकता है, वहीं युवाओं को रोजगार की आवश्यकता है। ये रोजगार मेले दोनों पक्षों को जोड़ने वाले एक मजबूत सेतु का काम करते हैं।
कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, ये पहल अब केवल आईटीआई छात्रों तक सीमित नहीं हैं। सभी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए प्रत्येक तालुका में कम से कम तीन मिनी-रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग ने सात दिनों का निःशुल्क रोजगार-पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे 61,000 युवा पुरुषों और महिलाओं को लाभ हुआ। मेले के लिए 1,00,000 से अधिक पंजीकरणों के साथ, विभाग का लक्ष्य कम से कम 70 प्रतिशत प्रतिभागियों को रोजगार या स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
